Yes Bank and Suzlon Energy Share: यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी के शेयर में आजकल बहुत ही ज्यादा निवेश किया जा रहा है। कुछ दिन पहले यस बैंक के शेयर में तो कई दिनों तक रोज एक बिलियन शेयरों से ज्यादा तक में ट्रेड हुआ था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या यस बैंक या सुजलॉन एनर्जी का शेयर का रेट कहां तक जा सकता है। क्योंकि जिस तेजी से यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी में ट्रेड हो रही है, उसमें माना जा रहा है कि यह शेयर इस वक्त सस्ते हैं, और जल्द ही भारी कमाई कराएंगे। लेकिन क्या वाकई में ऐसा होगा, आइये जानते हैं।

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यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी के शेयर में एक कॉमन दिक्कत है। यह दिक्कत इतनी बड़ी है कि यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी के शेयर का रेट एक स्तर से ऊपर जाता नहीं लग रहा है। यह अलग बात है कि यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी के शेयर की यह दिक्कत एक ही कारण से आई है।

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यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी की यह सबसे बड़ी दिक्कत है इन दोनों कंपनियों की शेयरों की संख्या काफी ज्यादा है। देश में सबसे ज्यादा संख्या में शेयर जारी करने वाली टॉप 5 कंपनियों में यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी का नाम शामिल है।

सबसे ज्यादा शेयर जारी करने वाली टॉप 5 कंपनियां

  • वोडाफोन आइडिया 4867.97 करोड़ शेयर
  • यस बैंक 2876.33 करोड़ शेयर
  • आईओबी 1890.24 करोड़ शेयर
  • आईओसीएल 1412.12 करोड़ शेयर
  • सुजलॉन एनर्जी 1346.79 करोड़ शेयर

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जानिए सबसे ज्यादा संख्या में शेयर जारी करने वाली 5 और कंपनियां

  • आईआरएफसी 1306.85 करोड़ शेयर
  • जीटीएल इंफ्रा. 1280.70 करोड़ शेयर
  • ओएनजीसी 1258.03 करोड़ शेयर
  • आईटीसी 1247.91 करोड़ शेयर
  • टाटा स्टील 1238.38 करोड़ शेयर

नोट: आंकड़े 31 जनवरी 2024 तक के अपडेड हैं।

जानिए यह कितनी बड़ी दिक्कत

अगर किसी कंपनी के जारी शेयरों की संख्या उसके प्राफिट की तुलना में ज्यादा है, तो यह काफी बड़ी दिक्कत माना जाता है। अगर यस बैंक पर नजर डाली जाए तो इसने 2876.33 करोड़ शेयर जारी कर रखें हैं। वहीं सुजलॉन एनर्जी ने 1346.79 करोड़ शेयर जारी कर रखें हैं। दोनों कंपनियों ने अपनी दिक्कतों के दौरान दनादन शेयर जारी किए और पैसे जुटाए। उस वक्त कंपनी को बचाना था, तो यह तरीका ठीक था, लेकिन अब यही कंपनियों की सबसे बड़ी दिक्कत बन गया है।

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इसको इस तरह से समझा जा सकता है कि सुजलॉन एनर्जी का शेयर अगर 45 रुपये के करीब है तो उसका मार्केट कैप 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। ऐसे में आसानी से समझा जा सकता है कि यह शेयर अगर 100 रुपये तक जाता है, तो कंपनी की मार्केट कैप करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है। ऐसे में आसानी से समझा जा सकता है कि यह आसान काम नहीं है। वहीं अगर कंपनी एक रुपये का लाभांश देना चाहे तो उसके पास 1346 करोड़ रुपये होने चाहिए। अगर कंपनी का प्राफिट देखा जा तो इस अमाउंट से काफी कम है। ऐसे में लाभांश की उम्मीद कम है। यानी बड़े निवेशक आसानी से आकर्षित नहीं होंगे और यही कारण है कि यह शेयर एक स्तर से ऊपर आसानी से नहीं जाएगा।

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वहीं अगर यस बैंक के शेयर पर नजर डाली जाए तो इसका रेट आज करीब 25 रुपये है। इस रेट पर इसकी मार्केट कैप करीब 72,000 करोड़ रुपये है। अगर यह शेयर 100 रुपये का जाए तो इसकी मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगी। सोच कर देखिए क्या यह इतना आसान है। इस बात को इस तरह से समझिए की देश की बड़ी बड़ी कंपनियों की मार्केट कैप इतनी नहीं है। यस बैंक अगर अपने निवेशकों को केवल 1 रुपये प्रति शेयर का लाभांश देना चाहे तो उसके पास करीब 2876 करोड़ रुपये होना चाहिए। इतना प्राफिट कमाने के लिए यस बैंक को अभी कई साल तक इंतजार करना होगा। यही कारण है कि जानकारों को अभी इस शेयर में शानदार तेजी के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं।

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कब आएगी यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में तेजी

ऐसे में जरूरी है कि यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी में निवेश सोच समझ कर किया जाए। अगर आप लम्बे समय के निवेशक हैं, तो यह शेयर आपके लिए बहुत ही अच्छे हो सकते हैं। इन दोनों शेयरों में असली तेजी का दौर उस वक्त नजर आएगा जब यह कंपनियां अपने शेयरों का बॉयबैक करना शुरू करेंगी। जिस दिन यह शुरू हो जाएगा, उस दिन समझ लिया जाएगा कि इन शेयरों में तेजी का असली दौर शुरू हो चुका है।

डिस्क्लेमर: यहां पर यस बैंक और सुजलॉन एनर्जी के शेयर में निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। इन शेयरों के बारे में आंकड़ों को साझा किया जा रहा है। ऐसे में निवेश का कोई भी फैसला वित्तीय सलाहकार से राय लेकर की करें।