गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को देशभर में एक नए "स्कॉलरशिप-QR" व्हाट्सएप स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। जालसाज स्कॉलरशिप डेस्क का प्रतिनिधि बनकर लोगों को पैसे मिलने का झांसा देते हैं और एक QR कोड भेजकर उसे स्कैन करने को कहते हैं। असल में यह QR कोड पैसे पाने के लिए नहीं, बल्कि आपके अकाउंट से पैसे काटने (collect request) के लिए होता है। इसके बाद ठग OTP हासिल करते हैं और कॉल फॉरवर्डिंग चालू कर देते हैं, ताकि आपका UPI अकाउंट पलक झपकते ही खाली किया जा सके। Jio, Airtel और Vi यूजर्स के लिए यहां कुछ जरूरी और भरोसेमंद सुरक्षा टिप्स दिए गए हैं।
यह पूरा जाल लोगों के भरोसे और जल्दबाजी का फायदा उठाकर बुना जाता है। स्कैमर्स आपसे स्क्रीनशॉट मांगते हैं, लिंक पर जल्दी क्लिक करने का दबाव बनाते हैं और फिर वेरिफिकेशन कोड पूछते हैं। कुछ मामलों में वे पीड़ितों से कॉल फॉरवर्डिंग कोड डायल करवाते हैं, जिससे बैंक के जरूरी मैसेज आप तक पहुंच ही नहीं पाते। इस अफरा-तफरी के बीच वे SIM स्वैप या गुपचुप तरीके से पोर्ट-आउट की कोशिश भी करते हैं। किसी भी अनजान QR कोड या 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' को खतरे की घंटी समझें। अपना OTP कभी किसी से साझा न करें और स्कॉलरशिप प्रोसेस करने के नाम पर किसी भी रिमोट कंट्रोल ऐप को इंस्टॉल न करें।
WhatsApp ‘scholarship‑QR’ स्कैम: UPI फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत उठाएं ये कदम
किसी भी अनजान 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' को तुरंत रिजेक्ट कर दें। अपने बैंक ऐप में जाकर फौरन अपना UPI पिन बदलें। ऐप या फोन बैंकिंग के जरिए अस्थायी रूप से UPI सर्विस बंद कर दें और अपने कार्ड्स को हॉटलिस्ट (ब्लॉक) करें। तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर स्क्रीनशॉट और समय के साथ अपनी शिकायत दर्ज कराएं। बैंक से अपने अकाउंट पर निगरानी (monitoring flags) रखने को कहें और फॉलो-अप के लिए शिकायत का टिकट नंबर जरूर लें।
UPI खाली होने का खतरा: Jio, Airtel और Vi यूजर्स ऐसे सुरक्षित रखें अपना SIM और WhatsApp
अपने व्हाट्सएप को सुरक्षित करने के लिए Settings > Account > Two-step verification में जाकर एक मजबूत PIN सेट करें। 'Linked devices' सेक्शन चेक करें और किसी भी अनजान सेशन को लॉग आउट कर दें। ##21#, ##62#, या ##004# जैसे GSM कोड डायल करके कॉल फॉरवर्डिंग बंद करें। अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से SIM या पोर्ट-आउट लॉक लगाने को कहें और इसकी केस आईडी नोट कर लें। अगर अचानक फोन का सिग्नल चला जाए, तो सतर्क हो जाएं और किसी भी SIM बदलाव की तुरंत पुष्टि करें।
बिना किसी जोखिम के अपना कनेक्शन चालू रखें। ₹199 या ₹299 से कम के छोटे डेटा एड-ऑन के लिए हमेशा ऑफिशियल ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। डेटा वाउचर खरीदने के लिए MyJio, Airtel Thanks या Vi ऐप का उपयोग करें और पेमेंट से पहले मिलने वाले फायदों की जांच कर लें। चैट पर आए किसी भी लिंक के बजाय ऑपरेटर ऐप के अंदर ही UPI पेमेंट करना सुरक्षित है। बैंक में अपना ईमेल और वैकल्पिक मोबाइल नंबर हमेशा अपडेट रखें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर आपको तुरंत अलर्ट मिल सके।
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