नई दिल्ली, जुलाई 28। फेडरल रिजर्व के क्रेडिट को और कड़ा करने के कदम ने बेंचमार्क ब्याज दर को दूसरी बार 0.75 प्रतिशत तक बढ़ा दिया। फेड के इस बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने से, जो कि मार्च के बाद से चौथी है, घरों, कारों और क्रेडिट कार्ड के लिए उधार लेने की लागत और बढ़ेगी। हालांकि कई उधारकर्ताओं पर इसका तुरंत प्रभाव नहीं पड़ता। फेड आक्रामक रूप से खर्च को धीमा करने, अर्थव्यवस्था को ठंडा करने और दो पीढ़ियों में मुद्रास्फीति के सबसे बुरे स्तर से निपटने के लिए उधार लेने की लागत बढ़ा रहा है। यह सब आपके फाइनेंस को कैसे प्रभावित करेगा? दरों में वृद्धि के प्रभाव से जुड़ी कुछ चीजें हम आपसे शेयर करेंगे।
ऊंची ब्याज दरों ने हाउसिंग मार्केट को चौपट कर दिया है। होम लोन पर दरें एक साल पहले से लगभग दोगुनी होकर 5.5% हो गई हैं। यानी ब्याज दरें बढ़ने का हाउसिंग मार्केट पर उलटा असर पड़ता है। हालांकि फेड ने संकेत दिया है कि क्रेडिट की लागत और बढ़ने की संभावना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि फेड के दरें बढ़ाने के साथ मोर्गेज रेट बढ़ें ये जरूरी नहीं है। कई बार ये विपरीत दिशा में भी चलती हैं।
मौजूदा घरों की बिक्री लगातार पांचवे महीने गिर गई है। जून में नए घरों की बिक्री में गिरावट आई है। यदि आप आर्थिक रूप से घर खरीदने में सक्षम हैं, तो आपके पास कुछ महीने पहले की तुलना में अधिक विकल्प होने की संभावना है। कई शहरों में विकल्प कम हैं। लेकिन देश भर में उपलब्ध घरों की संख्या पिछले साल के अंत में रॉक-बॉटम स्तर तक गिरने के बाद बढ़ने लगी है।
फेड की ओर से दरों में बढ़ोतरी आम तौर पर ऑटो लोन को और अधिक महंगा बनाती है। लेकिन अन्य फैक्टर भी इन दरों को प्रभावित करते हैं, जिसमें कार निर्माताओं के बीच प्रतिस्पर्धा भी शामिल है, जो कभी-कभी उधार लेने की लागत को कम कर सकता है। एक एक्सपर्ट के अनुसार बुधवार की दर वृद्धि से नए वाहनों की बिक्री पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि फेड की दर वृद्धि का पूरा असर ऑटो लोन पर नहीं पड़ता।
क्रेडिट कार्ड, होम इक्विटी लाइन ऑफ क्रेडिट और अन्य वेरिएबल-ब्याज डेब्ट के उपयोगकर्ताओं के लिए, दरों में फेड की तरफ से की गयी वृद्धि के समान ही वृद्धि होगी। ऐसा एक या दो बिलिंग साइकिल में होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे दरें बैंकों की प्रमुख दर पर आधारित हैं, जो फेड के साथ मिलकर चलती हैं। जो लोग कम दर वाले क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने पात्र नहीं हैं, वे अपने बैलेंस पर अधिक ब्याज का भुगतान करते हुए फंस सकते हैं।
अब आप बांड, सीडी (कंवर्टिबल डिबेंचर) और अन्य निश्चित आय के निवेश ऑप्शनों पर अधिक कमा सकते हैं। और यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बचत, यदि आपके पास है, तो कहां लगाई गयी है। बात करें क्रिप्टो की तो जब से फेड ने दरें बढ़ाना शुरू किया है, बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी डूब गई हैं। बिटकॉइन $68,000 के शिखर से गिरकर $21,000 पर आ गयी है।
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