देश के कई दिग्गज बैंकों ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. देश के सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले महीने ही एमसीएलआर (MCLR) में बढ़ोतरी की थी. जिसके बाद हाल ही में पीएनबी (PNB) यानी पंजाब नेशनल बैंक और बीओआई (BOI) यानी बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी एमसीएलआर में बदलाव किया है.
क्या है MCLR?
एमसीएलआर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय किया जाता है. यह वह दर है, जिसे नीचे कोई भी बैंक लोन नहीं दें सकता. यह भी कह सकते हैं कि एमसीलएलआर, कॉमर्शियल बैंक्स द्वारा दिए गए लोन पर लगने वाला न्यूनतम ब्याज दर है. एमसीएलआर को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट भी कहा जाता है.
देश में हुई नोटबंदी के बाद सरकार ने एमसीएलआर लाने का फैसला किया था. 2016 में आरबीआई ने एमसीएलआर की शुरुआत की थी. इससे पहले सभी बैंक लोन पर ब्याज बेस दर के हिसाब से लगाते थे.
कितना पड़ेगा मंथली EMI पर फर्क?
एमसीएलआर किसी भी लोन पर लगने वाला ब्याज का न्यूनतम दर है. तो अगर न्यूनतम दर यानी एमसीएलआर बढ़ता है, तो इसका सीधा असर लोन पर पड़ेगा और मंथली ईएमआई भी महंगी हो जाएगी, क्योंकि मंथली ईएमआई में भी लोन पर लगने वाला ब्याज दर शामिल होता है.
वहीं आरबीआई, जब भी रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों को अपना एमसीएलआर बढ़ाना पड़ता है. एमसीएलआर बढ़ाने के और भी कारण होते हैं.
इसके बढ़ने से लोन जैसे- होम लोन, व्हीकल लोन आदि पर लगने वाला ब्याज दर बढ़ जाएगा. यह बात ध्यान देने वाली है कि MCLR बढ़ते ही तुरंत ही आपके ब्याज दर में बढ़ोतरी नहीं होगी.
पीएनबी और बीओआई ने बढ़ाया एमसीएलआर दर
8 जुलाई को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एमसीएलआर दर बढ़ाने का फैसला किया था. जिसके बाद पीएनबी और बीओई ने भी हाल ही में एमसीएलआर में बढ़ोतरी की है. पीएनबी ने MCLR में 0.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. यह बढ़ोतरी लोन की सभी अवधि के लिए है. वहीं बैंक ऑफ इंडिया यानी बीओआई ने भी एक वर्ष की समय सीमा के लिए एमसीएलार में 0.05 प्रतिशत की वृद्धि की है.
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