भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने UPI स्कैम को लेकर एक नया अलर्ट जारी किया है। आजकल जालसाज लोगों को ठगने के लिए खतरनाक लिंक या QR कोड का सहारा ले रहे हैं। अक्सर ये ठग आपको इनाम जीतने का लालच देकर जाल में फंसाते हैं। हमेशा याद रखें कि पैसे पाने (Receive) के लिए आपको कभी भी कोई कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती। यह एडवाइजरी डिजिटल पेमेंट करने वाले भारतीय यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए जारी की गई है।

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सावधान! QR कोड और UPI लिंक के जरिए ऐसे हो रही है ठगी

ठग अक्सर ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर खरीदार बनकर आपसे संपर्क करते हैं। वे आपको एक QR कोड भेजकर दावा करते हैं कि इसे स्कैन करते ही पैसे आपके खाते में आ जाएंगे। लेकिन असल में, जैसे ही आप उसे स्कैन करते हैं, आपके बैंक खाते से पैसे कटने की अनुमति मिल जाती है। हमेशा गांठ बांध लें कि UPI PIN का इस्तेमाल सिर्फ पैसे भेजने के लिए किया जाता है। पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी अपना सीक्रेट PIN डालने या कोई कोड स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होती।

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अगर हो गई है धोखाधड़ी, तो तुरंत उठाएं ये कदम

अगर आपने गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया है, तो तुरंत एक्शन लें। धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए फौरन 1930 हेल्पलाइन नंबर डायल करें। यह नंबर आपको सीधे नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से जोड़ता है। फ्रॉड होने के पहले एक घंटे यानी 'गोल्डन ऑवर' के भीतर रिपोर्ट करने से आपके पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। आपकी फुर्ती बैंक को वो पैसे फ्रीज करने में मदद करती है, ताकि ठग उन्हें निकाल न सकें।

आप आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। यह पोर्टल अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर हुए पैसों को ट्रैक करने में मदद करता है। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से अपने पेमेंट ऐप्स में डेली ट्रांजैक्शन लिमिट जरूर सेट करें। ये छोटे लेकिन जरूरी कदम आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकते हैं। इन डिजिटल शिकारियों से बचने के लिए आपकी जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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UPI फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी चेकलिस्ट

क्या करेंसुरक्षा के लिए सुझाव
QR कोड का इस्तेमालसिर्फ पेमेंट करने के लिए स्कैन करें, पैसे पाने के लिए कभी नहीं।
PIN की सुरक्षाअपना PIN कभी भी ऑनलाइन किसी के साथ शेयर न करें।
पेमेंट लिंकअनजान SMS से आए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें।
हेल्पलाइन नंबरधोखाधड़ी होने पर तुरंत मदद के लिए 1930 डायल करें।

डिजिटल दुनिया के इन शातिर जालसाजों से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें। अपना UPI PIN कभी किसी को न बताएं और न ही किसी अनवेरिफाइड लिंक पर क्लिक करें। अगर कोई ऑफर या डील जरूरत से ज्यादा अच्छी लग रही है, तो सावधान हो जाएं—यह एक स्कैम हो सकता है। सरकार द्वारा समय-समय पर जारी सुरक्षा अपडेट्स पर नजर रखें। आपकी सतर्कता ही आपके डिजिटल भविष्य को सुरक्षित रखेगी।