Pension Rule Change : सरकारी नौकरी करने वाले हो या प्राइवेट नौकरी करने वाले, लोगों की सबसे बड़ी चिंता रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला पेंशन को लेकर होती है। यही कारण है कि सरकारी नौकरी करने वाले लोग केंद्र सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने की लगातार मांग कर रहे हैं।
वर्तमान में देश में पेंशन को लेकर दो तरह के ऑप्शन हैं जिनमें NPS (National Pension Scheme) और UPS (Unified Pension Scheme) शामिल है। सरकार ने इसी साल 1 अप्रैल 2025 को यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS को लागू की है।
अब केंद्र की मोदी सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। दरअसल, केंद्रीय कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने UPS से जुड़े नियम में बदलाव कर दिया है। हालांकि, यह बदलाव कर्चारियों के लिए फायदेमंद ही साबित होगा। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि उसने अपने कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के तहत लाभों से संबंधित सेवा मामलों के नियमों को जारी कर दिया है।
20 साल की नौकरी के बाद ले सकेंगे पेंशन?
सरकार की ओर से किए गए बदलाव के तहत अब यदि कोई कर्मचारी 20 साल की नियमित नौकरी पूरी कर लेता है तो वह पूरा पेंशन ले सकेगा। कर्मचारियों की तरफ से पुरानी लिमिट को घटाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी, जिसमें अब बदलाव हो गया है। सरकार के इस फैसले से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा।
किन कर्मचारियों को होगा फायदा?
अब से पहले पेंशन पाने के नियम थोड़े सख्त थे। यूनिफाइड पेंशन स्कीम में पूरी पेंशन तभी लिया जा सकता था जब कोई कर्मचारी 25 साल की नौकरी पूरी कर लेता। यानी यदि किसी ने 24 साल से अधिक लेकिन 25 साल से थोड़ा कम किया है तो उसे इसका लाभ नहीं मिलता, लेकिन अब 20 साल की लिमिट किए जाने से लाखों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
सरकार के इस फैसले से फायदा सीधे उन सरकारी कर्मचारियों को होगा जो यूनिफाइड पेंशन स्कीम में आते हैं। वैसे कर्मचारी जो किसी वजह से 25 साल की सर्विस पूरी नहीं कर पाते थे और हेल्थ प्रॉब्लम, पारिवारिक जिम्मेदारी या बीच में रिटायरमेंट लेते थे उन्हें इसका सबसे अधिक फायदा होगा।
UPS चुनने वाले कर्मचारियों को मिलती हैं ये सुविधाएं
यदि किसी कर्मचारी ने यूपीएस को चुना है तो उसे कई तरह की अन्य सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे कर्मचारियों को नौकरी के दौरान दिव्यांग हो जाने पर पेंशन का लाभ मिलेगा जबकि सर्विस के दौरान मृत्यु पर उसके परिवार को सुरक्षित पेंशन मिलेगी।
PIB के मुताबिक, केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत एकीकृत पेंशन योजना का कार्यान्वयन) नियम, 2025 के अनुसार, जिन सरकारी कर्मचारियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को चुना है, उन्हें अब पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत मिलने वाले लाभों का विकल्प भी मिलेगा। इसका सीधा मतलब है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए अब एनपीएस और ओपीएस, दोनों के फ़ायदों को मिलाकर एक नई पेंशन योजना का रास्ता खुल गया है। मंत्रालय ने आगे कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा नियम, 2025 में विभिन्न विषयों को शामिल किया जाएगा।
- एकीकृत पेंशन योजना के अंतर्गत नामांकन,
- सेवानिवृत्ति की तिथि से एक वर्ष पूर्व या वीआरएस से तीन माह पूर्व यूपीएस से एनपीएस में स्थानांतरण की सुविधा।
- कर्मचारी और सरकार द्वारा अंशदान
- पंजीकरण में देरी और एनपीएस खाते में अंशदान जमा होने की स्थिति में सरकारी कर्मचारी को देय क्षतिपूर्ति
- सेवा के दौरान सरकारी कर्मचारी की मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में सीसीएस (पेंशन) नियमों या यूपीएस विनियमों के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने का विकल्प।
- सेवानिवृत्ति पर देय लाभ, अधिवर्षिता, समयपूर्व सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, स्वायत्त निकाय या सार्वजनिक उपक्रम में आमेलन, अमान्य होने पर सेवानिवृत्ति और सेवा से त्यागपत्र।
- अनिवार्य सेवानिवृत्ति/बर्खास्तगी/सेवा से निष्कासन का प्रभाव
- सेवानिवृत्ति के समय लंबित विभागीय/न्यायिक कार्यवाही का प्रभाव।
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