भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 21 जुलाई, 2026 को अपनी एंटी-स्पैम गाइडलाइन्स को अपडेट किया है। ये नए नियम अनचाही कॉल्स और एसएमएस (SMS) के बढ़ते खतरे से निपटने में आम लोगों की मदद करेंगे। अब यूजर्स बेहतर कंट्रोल के लिए आधिकारिक DND 2.0 एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रमोशनल मैसेज को ब्लॉक करने के लिए 1909 पर डायल करने का विकल्प भी पहले की तरह मौजूद है। इस पहल का मकसद करोड़ों मोबाइल सब्सक्राइबर्स की डिजिटल प्राइवेसी को और मजबूत बनाना है।

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स्पैम से मुक्त मोबाइल एक्सपीरियंस के लिए अपनी पसंद (preference) रजिस्टर करना सबसे पहला कदम है। आप चाहें तो सभी कमर्शियल कॉल्स को पूरी तरह ब्लॉक कर सकते हैं या फिर बैंकिंग और हेल्थ जैसी अपनी जरूरत की कैटेगरी चुन सकते हैं। इस सुविधा से आपको सिर्फ वही मैसेज मिलेंगे जो आप देखना चाहते हैं। आजकल टेलीकॉम सर्विस पोर्टल्स के जरिए अपनी पसंद सेट करना बेहद आसान हो गया है। ऐसा करने से बार-बार आने वाले मार्केटिंग कॉल्स और मैसेज में काफी कमी आती है।

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TRAI DND गाइडलाइन्स: ऐसे करें स्पैम की शिकायत

अगर शिकायत के बाद भी स्पैम कॉल्स का आना जारी रहता है, तो 3 दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट करना जरूरी है। आप 1909 पर सेंडर की डिटेल्स और तारीख लिखकर एसएमएस (SMS) भेज सकते हैं। टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए एक तय समय सीमा के भीतर इन शिकायतों की जांच करना अनिवार्य है। बार-बार नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है या उनका मोबाइल कनेक्शन भी काटा जा सकता है। इस प्रक्रिया से मार्केटिंग कंपनियों की जवाबदेही तय होती है।

कैटेगरीक्या होगा ब्लॉककिसके लिए है बेस्ट
फुल DNDसभी कमर्शियल कॉल और SMS ब्लॉकपूरी प्राइवेसी के लिए
पार्शियल DNDबैंकिंग जैसे चुनिंदा मैसेज की अनुमतिजरूरी अपडेट्स के लिए
रिपोर्टिंग1909 या DND 2.0 ऐप का इस्तेमाल करेंस्पैम के खिलाफ एक्शन

CNAP फीचर: अब स्क्रीन पर दिखेगा कॉलर का असली नाम

इन नए अपडेट्स में कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सिस्टम पर खास फोकस किया गया है। अन्य थर्ड-पार्टी ऐप्स के मुकाबले, CNAP टेलीकॉम रिकॉर्ड्स के वेरिफाइड डेटा का इस्तेमाल करेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपके फोन की स्क्रीन पर दिखने वाला नाम कानूनी रूप से सही है। हालांकि इसे धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है, लेकिन यह फीचर अनजान कॉल करने वालों की पहचान उजागर करने का वादा करता है। यह हर इनकमिंग कॉल के लिए सुरक्षा की एक नई और मजबूत परत जोड़ता है।

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यूजर्स को व्हाट्सएप या क्यूआर (QR) कोड के जरिए होने वाले स्कैम से भी सावधान रहने की जरूरत है। खुद को अधिकारी बताने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP) कभी शेयर न करें। अगर आप किसी धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर इसकी जानकारी दें। टेलीकॉम नियमों के प्रति जागरूक रहकर ही आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं। एक सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाने के लिए लगातार रिपोर्ट करना ही सबसे कारगर तरीका है।