नई दिल्ली: निवेश करने का सोच रहे तो ये खबर जरुर पढ़ लें। निवेश के लिहाज से स्मॉल सेविंग स्कीम्स सबसे बेहतर मानी जाती हैं। ये योजनाएं ग्राहकों को 7.6 फीसद तक उच्च ब्याज दर प्रदान करती हैं। 15 साल की लॉक-इन अवधि वाली पीपीएफ, किसान विकास पत्र और मंथली इनकम स्कीम्स काफी अच्छा रिटर्न दे रही हैं।
भारत सरकार हर तिमाही में इन योजनाओं पर ब्याज दरें तय करती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मौजूदा दरें 31 दिसंबर 2020 तक के लिए मान्य हैं। आइए भिन्न-भिन्न स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दरें जानते हैं। ताकि आप अपनी सहुलियत के हिसाब से इन सभी स्कीम्स की ब्याज दरों को देखते हुए निवेश का प्लान कर सके।
सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) इस समय ग्राहकों को 7.6 फीसद ब्याज दर प्रदान कर रही है। बता दें कि इस योजना में 10 साल से कम उम्र की बच्चियों की शिक्षा और शादी के लिए है। इस योजना के तहत निवेशक को खाता खोलने की तारीख से 15 साल की अवधि तक राशि जमा करनी होती है, जमा की जाने वाली अधिकतम राशि 150,000 रुपये हो सकती है। वहीं खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद अकाउंट मैच्योर होता है। इस निवेश योजना के तहत आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये का अधिकतम टैक्स लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
बात करें अगर राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) की तो मालूम हो कि केंद्र सरकार ने जनवरी में 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया था। वहीं 2009 में इसे निजी सेक्टर के कर्मियों के लिए भी शुरू कर दिया गया। इसमें लंबी अवधि में निवेश कर रिटायरमेंट के बाद जहां मंथली पेंशन का इंतजाम कर सकते हैं, वहीं एक मुश्त रकम मिलने का भी प्रावधान है। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80सी के तहत एनपीएस 50,000 और उससे अधिक की अतिरिक्त कटौती का प्रावधान करता है।
इस लिस्ट में सबसे ज्यादा सुरक्षित और सबसे अच्छा ब्याज देने वाली स्कीम सार्वजनिक भविष्य निधि खाता (पीपीएफ) भी शामिल है। इस स्कीम के तहत पैसे जमा करने पर एक और फायदा इनकम टैक्स की छूट का भी मिलना है। इस प्रकर से यह स्कीम सबसे अच्छी जमा योजना हो जाती है। अगर आप पीपीएफ में 4000 रुपये महीने जमा करेंगे तो आप कुल मिलाकर 15 साल में 7.20 लाख रुपये जमा करेंगे। वहीं इस जमा पैसे पर आपको 5.81 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिलेगा। इस प्रकार आपको कुल मिलाकर 1,301,827 रुपये वापस मिलेगा।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) इस समय ग्राहकों को 7.4 फीसद ब्याज दर ऑफर कर रही है। बता दें कि 60 साल से ऊपर की आयु के भारतीय नागरिक व्यक्तिगत या संयुक्त रूप से इस योजना के तहत अधिकतम 15 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। इस योजना का प्रारंभिक कार्यकाल पांच साल का है, जिसे तीन साल की अवधि के लिए केवल एक बार बढ़ाया जा सकता है। इस योजना के तहत जमा राशि धारा 80सी के तहत सालाना 1,50,000 रुपये तक की कटौती के योग्य है। इस योजना के तहत मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल है लेकिन आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत निवेशक इस योजना के तहत प्राप्त ब्याज पर 50,000 रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स (एनएससी) इस समय ग्राहकों को 6.8 फीसद ब्याज दर प्रदान कर रही है। यह योजना 5 साल की परिपक्वता के साथ एक निश्चित आय योजना है जिसमें ब्याज को डिफ़ॉल्ट रूप से रीइनवेस्ट किया जाता है। एक निवेशक सालाना 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकता है। इसके अलावा अर्जित ब्याज टैक्स ब्रेक के अंदर शामिल किया जाता है। इस योजना से लाभ के साथ 5 साल के लिए एक स्थिर रिटर्न प्राप्त होता है।
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