Sukanya Samriddhi Yojana: दिवाली के साथ ही नए संवत की शुरुआत हो गई है. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक दिवाली से संवत 2081 की शुरुआत हुई है. नए साल में बिटिया के लिए अगर आपने सरकारी बचत योजनाएं में पोस्ट ऑफिस में सुकन्या समृद्धि योजना (Post Office Sukanya Samriddhi Yojana) को चुना है तो यहां सालाना कंपाउंडिंग रिटर्न के साथ 8.2% ब्याज मिलता है. लेकिन इस सरकारी स्कीम में निवेश करने से पहले जरूरी है कि प्री-क्लोजर रूल को भी जान लीजिए, क्योंकि पैसों की जरूरत कभी भी पड़ सकता है.
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
सरकार द्वारा समर्थित सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) खास तौर पर लड़कियों के लिए. इसमें पैरेंट्स यानी माता-पिता अपनी 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं.
योजना में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक ही निवेश किया जा सकता है, जोकि 15 साल तक जारी रहना चाहिए. बताते चलें कि यह सरकारी स्कीम निवेश की पहली तारीख से 21 साल बाद मैच्योर होती है. इसके बाद निवेशक को कुल राशि और उस पर अर्जित ब्याज को खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है.
योजना का प्री-क्लोजर रूल
सुकन्या समृद्धि योजना यानी SSY निवेश शुरु करने के 21 साल बाद मैच्योर होती है. तब तक निवेशित रकम लॉक-इन रहता है. इस योजना में निवेशक शुरुआती 5 से 10 साल के अंदर रकम वापस नहीं ले सकते. दरअसल, योजना में इतने अवधि में रकम निकसी का नियम नहीं है. हालांकि, बेटी की उम्र 18 साल तक होने पर आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है.
आंशिक निकासी के लिए क्या हैं शर्तें?
सुकन्या समृद्धि खाते से आंशिक निकासी के लिए कुछ शर्तें हैं. इसमें पहली शर्त बेटी की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए, या उसे 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करनी चाहिए. खाते से पिछले वित्तीय वर्ष की शेष राशि का 50% तक निकाला जा सकता है. मैच्योरिटी से पहले बंद होने वाली रकम एकमुश्त या अधिकतम 5 साल की अवधि में किश्तों में निकाली जा सकती है.
SSY में किन स्थितियों में होगा प्री-मैच्योर क्लोजर?
- 1. बेटी की मृत्यु स्कीम के मैच्योर होने की स्थिति में पैरेंट्स को निवेश किया गया पैसा ब्याज समेत मिलता है. हालांकि, इसके लिए मृत्यु का प्रमाण पत्र जमा करना पड़ता है.
- 2. अकाउंटहोल्डर को कोई गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पैसों की जरूरत है, तो समय से पहले अकाउंट बंद कराया जा सकता है. हालांकि, इसके लिए बीमारी और इलाज से जुड़े सभी प्रूफ देने पड़ सकते हैं. बता दें कि ये सुविधा 5 साल बाद ही मिलती है.
- 3. सुकन्या समृद्धि अकाउंटहोल्डर्स के माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की मौत अकाउंट मैच्योर होने से पहले ही हो जाती है तो ऐसी स्थिति में अकाउंट को बीच में ही बंद कराया जा सकता है.
- 4. भारत की नागरिकता छोड़ देने पर भी सुकन्या समृद्धि अकाउंट बंद मान लिया जाता है. ऐसी स्थिति में निवेशित रकम पर ब्याज जोड़कर सारा पैसा वापस कर दिया जाता है. लेकिन अगर किसी दूसरे देश में सेटल हुए हैं, लेकिन भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी है, तो इस अकाउंट को मैच्योरिटी पूरी होने तक जारी रखा जा सकता है.
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