नई दिल्ली। अगर आप बाजार रेट से सस्ता सोना खरीदना चाहते हैं तो अगस्त 2020 में दो बार ऐसा मौका आने वाला है। दरअसल मोदी सरकार ने सोना की फिजिकल मांग घटाने के लिए एक विशेष स्कीम शुरू की है। इसके तहत बाजार रेट से कम पर जहां सोना एलाट किया जाता है, वहीं इसमें निवेश किए जाने वाले पैसे पर ब्याज भी मिलता है। ऐसे में यह स्कीम काफी आकर्षक हो जाती है। इससे पहले मोदी सरकार इसी वित्तीय वर्ष में 4 बार इसी स्कीम के तहत हजारों करोड़ रुपये का गोल्ड बेच चुकी है। इस स्कीम के तहत 24 कैरेट यानी पूरी तरह से शुद्ध सोना लोगों को ऐलाट किया जाता है। ऐसे में अगर आप भी इस बार सस्ता सोना खरीदना चाहते हैं तो अभी से तैयारी कर लें, क्योंकि सोने का रेट तेजी से बढ़ रहा है।
मोदी सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत सस्ता सोना बेचने की स्कीम शुरू की है। रिजर्व बैंक इस स्कीम के तहत सोने बेचने का काम करती है। यह स्कीम हर बार कुछ ही दिनों के लिए खुलती है। इस बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पांचवीं सीरीज 3 अगस्त से लेकर 7 अगस्त के बीच खुलने वाली है। इस स्कीम में आवेदन करने वालों को गोल्ड का ऐलाटमेंट 11 अगस्त 2020 को कर दिया जाएगा। वहीं इसके बाद सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की छठी सीरीज भी 31 अगस्त से लेकर 4 सितंबर के बीच निवेश के लिए खुल जाएगी। इसमें निवेश करने वालों को गोल्ड का ऐलटामेंट 8 सितंबर 2020 को किया जाएगा।
मोदी सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (एसजीएस) स्कीम में निवेश की तरीख के पहले गोल्ड का रेट तय करती है। बाद में अगर गोल्ड का रेट बढ़ भी जाए तो उसी रेट पर निवेश का मौका मिलता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें हर निवेश करने वालों को गोल्ड ऐलाट किया जाता है। जुलाई में गोल्ड का रेट 48520 रुपये प्रति दस ग्राम तय किया गया था। आजकल गोल्ड 52000 रुपये प्रति दस ग्राम के ऊपर चल रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें निवेश पर कितना फायदा हो सकता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (एसजीएस) के तहत अगर कोई गोल्ड खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट करता है, तो उसे 500 रुपये प्रति दस ग्राम की छूट मिलती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (एसजीएस) स्कीम के तहत जून में आरबीआई ने लोगों को 4,6770 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर गोल्ड ऐलाट किया था। अगर किसी ने ऑनलाइन पेमेंट किया होगा, तो उसे यह सोना 500 रुपये प्रति दस ग्राम सस्ता मिला होगा। मोदी सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (एसजीएस) स्कीम के तहत यह सोना भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ऐलाट करता है। इस स्कीम के तहत जो लोग गोल्ड खरीदते हैं उनको हर साल उनके निवेश पर ब्याज भी दिया जाएगा। यह ब्याज ढाई फीसदी होता है। यह ब्याज निवेशक के बैंक खाते में हर 6 माह में ट्रांसफर कर दिया जाता है। अगर कोई व्यक्ति 1 लाख रुपये का गोल्ड खरीदता है, तो उसे हर साल सरकार की तरफ से 2500 रुपये ब्याज के रूप में दिया जाता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को ऑनलाइन खरीद सकते हैं। इसके अलावा इसकी बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), चुनिंदा डाकघरों और एनएसई व बीएसई जैसे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए भी होगी। इसके लिए आप अपने शेयर ब्रोकर से संपर्क कर सकते हैं। अगर आप ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं, तो ज्यादातर बैंकों ने आपको सीधे इसमें निवेश करने का विकल्प दे रखा है। इस प्रकार की खरीदारी में पेमेंट का ऑनलाइन माना जाएगा और गोल्ड कुछ ज्यादा ही सस्ता मिलेगा।
कोई भी भारतीय नागरिक एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलोग्राम तक सोना सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत खरीद सकता है। वहीं किसी ट्रस्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा तय की गई है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के बाद सोने के रेट बढ़ने का फायदा तो मिलेगा ही, इसके अलावा सालाना 2.5 फीसदी ब्याज भी दिया जाता है। अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में 1 लाख रुपये का निवेश किया है तो आपको साल में 2500 रुपये ब्याज के रूप में दिया जाता है। ब्याज का यह पैसा निवेशक के बैंक खाते में हर 6 महीने पर जमा किया जाता है। ब्याज की अंतिम किस्त का भुगतान मूलधन के साथ मेच्योरिटी पर दिया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मेच्योरिटी 8 साल में होती है। लेकिन निवेशक चाहें तो 5 साल, 6 साल या 7 साल के बाद इसे बेच भी सकता है।
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