अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश किया है, तो आपके लिए एक जरूरी अपडेट है। कुछ खास सीरीज के बॉन्ड होल्डर्स 28 अप्रैल 2026 को समय से पहले अपना पैसा निकाल (premature redemption) सकते हैं। यह उन निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका है, जिन्हें 8 साल की मैच्योरिटी पूरी होने से पहले पैसों की जरूरत है। आमतौर पर RBI ब्याज भुगतान की तारीखों को ही रिडेम्पशन के लिए तय करता है।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को तय तारीख से कम से कम 10 दिन पहले अपनी बैंक या पोस्ट ऑफिस से संपर्क करना होगा। यह समय सीमा इसलिए जरूरी है ताकि RBI भुगतान की तारीख से पहले सभी रिक्वेस्ट को प्रोसेस कर सके। चूंकि यह विंडो बहुत कम समय के लिए खुलती है, इसलिए निवेशकों को अपनी सीरीज की पात्रता (eligibility) पहले ही जांच लेनी चाहिए।
Sovereign Gold Bond: रिडेम्पशन की प्रक्रिया और कौन सी सीरीज है पात्र?
28 अप्रैल की तारीख मुख्य रूप से 2020-21 सीरीज I जैसी किश्तों के लिए है। इन बॉन्ड्स के निवेशक नेट बैंकिंग के जरिए या सीधे बैंक ब्रांच जाकर रिडेम्पशन की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। ध्यान दें कि अगर आपके बॉन्ड डीमैट अकाउंट में हैं, तो इसकी प्रक्रिया बैंक सर्टिफिकेट के मुकाबले थोड़ी अलग होगी।
डीमैट होल्डर्स को समय से पहले एग्जिट करने के लिए अपने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) से संपर्क करना होगा। वहीं, जो निवेशक RBI रिटेल डायरेक्ट पोर्टल का इस्तेमाल करते हैं, वे अपने ऑनलाइन डैशबोर्ड के जरिए इसे मैनेज कर सकते हैं। हर प्लेटफॉर्म का अपना एक कट-ऑफ टाइम होता है, इसलिए देरी से बचने के लिए समय का खास ख्याल रखें।
| SGB सीरीज | जारी होने का साल | रिडेम्पशन की तारीख |
|---|---|---|
| 2020-21 Series I | 2020 | April 28, 2026 |
| 2016-17 Series I | 2016 | April 28, 2026 |
समय से पहले SGB से निकलने पर कितना लगेगा टैक्स?
मैच्योरिटी तक बॉन्ड रखने पर टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन समय से पहले पैसे निकालने पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ता है। अगर आपने बॉन्ड 12 महीने से ज्यादा समय तक अपने पास रखा है, तो होने वाला मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) के दायरे में आएगा। हालिया बजट अपडेट के अनुसार, गोल्ड बॉन्ड से होने वाले मुनाफे पर अब 12.5 प्रतिशत का फ्लैट टैक्स रेट लागू हो सकता है।
पैसे निकालने का फैसला करने से पहले सोने की मौजूदा कीमत, अपने शुरुआती निवेश और टैक्स देनदारी का आकलन जरूर कर लें। हालांकि समय से पहले पैसा निकालना लिक्विडिटी के लिए अच्छा है, लेकिन मैच्योरिटी तक रुकना ही सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। यह अप्रैल विंडो आपके वित्तीय लक्ष्यों के साथ मेल खाती है या नहीं, इसके लिए अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
More Articles
- Cube Highways Trust InvIT: क्या आपको इसमें निवेश करना चाहिए? जानें फायदे और रिस्क
- Copper है नया Gold? Ajay Kedia ने बताया क्यों बढ़ रही है निवेशकों की दिलचस्पी!
- GPF ब्याज दर 7.1% पर बरकरार: क्या EPF और PPF से बेहतर है आपका निवेश?
- GIFT City क्या है? NRIs के लिए Dollar Investment का आसान तरीका | Benefits, Process & Risks
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें