अगर आपने Sovereign Gold Bond (SGB) 2021-2022 Series I में निवेश किया है, तो आपके लिए काम की खबर है। अब आप समय से पहले अपने पैसे निकाल सकते हैं, यानी प्री-मैच्योर रिडेम्पशन (premature redemption) का विकल्प चुन सकते हैं। RBI के नियमों के मुताबिक, 5 साल का होल्डिंग पीरियड पूरा होने के बाद निवेशकों को बाहर निकलने का यह मौका मिलता है। अगर आपने मई 2021 में इस सीरीज में पैसा लगाया था, तो समय से पहले एग्जिट करने का यह आपके पास पहला अवसर है।

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टैक्स के लिहाज से देखें तो स्टॉक एक्सचेंज पर बॉन्ड बेचने पर टैक्स लगता है, लेकिन RBI के जरिए सीधे रिडेम्पशन करने पर इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स को टैक्स में छूट मिलती है। हालिया बजट में सेकेंडरी मार्केट में होने वाली बिक्री को लेकर टैक्स नियमों में स्थिति साफ की गई है। हालांकि, बॉन्ड पर मिलने वाला 2.5 फीसदी सालाना ब्याज आपकी इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होगा। बैंक में रिडेम्पशन रिक्वेस्ट डालने से पहले मौजूदा मार्केट रेट और टैक्स के खर्चों का आकलन जरूर कर लें।

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SGB 2021–22 Series I: रिडेम्पशन पर टैक्स और पेमेंट का पूरा गणित

पैसे निकालने के लिए आपको इस ओपन विंडो के दौरान अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस से संपर्क करना होगा। अगर आपके बॉन्ड डीमैट अकाउंट में हैं, तो आप अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए यह प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। RBI पिछले तीन दिनों के गोल्ड क्लोजिंग रेट के औसत के आधार पर रिडेम्पशन प्राइस तय करता है। आमतौर पर, रिक्वेस्ट प्रोसेस होने के कुछ ही वर्किंग डेज के भीतर पैसा आपके लिंक किए गए बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है।

कैटेगरीRBI रिडेम्पशनएक्सचेंज पर बिक्री
टैक्स नियमइंडिविजुअल्स के लिए टैक्स फ्रीकैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा
मिलने वाली कीमतRBI द्वारा तय कीमतमार्केट ट्रेडिंग प्राइस
एग्जिट की सुविधासाल में दो बार मौकाब्रोकर के जरिए कभी भी

अगर आप आज का मौका चूक जाते हैं, तो निवेश की सुरक्षा को लेकर चिंता न करें। आप अगली छमाही ब्याज की तारीख पर फिर से रिडेम्पशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, निवेशक स्टॉक एक्सचेंज पर किसी भी समय अपनी यूनिट्स बेच सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि एक्सचेंज पर मिलने वाली कीमत और लिक्विडिटी, RBI द्वारा आज ऑफर किए जा रहे रिडेम्पशन प्राइस से अलग हो सकती है।