SIP vs PPF: मेहनत की गाढ़ी कमाई के निवेश के लिए आज काफी ऑप्शन हैं. चाहे सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट हो या फिर एकमुश्त जमा, सभी के लिए तरह-तरह की स्कीम हैं. इनवेस्टमेंट टूल्स के लिहाज से SIP और PPF दोनों ही ऑप्शन लोगों को पसंद आ रहेत. ऐसे में निवेश के अच्छे साबित हो सकते हैं. लेकिन निवेश से पहले जरूरी है कि इन इनवेस्टमेंट्स टूल्स से जुड़ी जानकारी हो. क्योंकि दोनों में से किसी एक में निवेश करना चाहते हैं और कंफ्यूज हैं कि पैसे SIP में डालें या PPF में तो इन दोनों का पूरी एनलिसिस किया जाएगा. इसमें ब्याज दर, रिटर्न और मैच्योरिटी की पूरी कैलकुलेशन से समझेंगे कि दोनों के बीच क्या अंतर है....

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सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP क्या है?

निवेश के लिए SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आज कल काफी पॉप्युलर है. निवेशक SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. ध्यान देने वाली बात ये है कि SIP के जरिए मार्केट में निवेश पर रिस्क भी होता है. इस पर मिलने वाला रिटर्न बाजार की चाल पर निर्भर करता है. आमतौर पर ये देखा गया है कि SIP में निवेश करने पर निवेशकों को औसतन 12% का रिटर्न मिल सकता है.

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पब्लिक प्रॉविडेंड फंड यानी PPF क्या है?

PPF एक सरकारी स्कीम है, जिसमें निवेश पर सरकार की गारंटी होती है. यानी निवेशक बिना टेंशन के PPF में पैसा लगा सकता है. PPF खाते में जमा रकम 15 सालों में मेच्योर होता है. फिलहाल PPF में निवेश करने पर सालाना 7.1% की दर से ब्याज ऑफर किया जा रहा है. पब्लिक प्रॉविडेंड फंड में एक फाइनेंशियल ईयर में निवेशक डेढ़ लाख रुपए तक का निवेश कर सकता है.

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PPF में जमा राशि को अगर निवेशक प्री-मैच्योर अवधि में निकालता है तो कुल जमा पर ब्याज का 1% काटकर रकम वापस दी जाती है. खास बात ये है कि निवेश की रकम पर टैक्स छूट भी मिलता है. इसके तहत निवेशकों को एक फाइनेंशियल ईयर में 150000 रुपए तक की टैक्स छूट दी जाती है.

SIP vs PPF: कौन है बेस्ट ऑप्शन?

अब बात करते हैं कि SIP और PPF में निवेशकों के लिए बेहतर ऑप्शन क्या हो सकता है. तो इसे उदाहरण से समझते हैं. मान लें कि कोई निवेशक हर महीने 5000 रुपए का निवेश 15 साल तक करना चाहता है, तो उसे किसमें ज्यादा रिटर्न या कहें फायदा मिल सकता है...

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PPF: इनवेस्टर्स ने लॉन्ग टर्म के लिए PPF को चुना. हर महीने अकाउंट में 5000 रुपए का निवेश किया. इस लिहाज से सालाना निवेश 60,000 रुपए का हुआ. इतना निवेश लगातार 15 सालों तक जारी रखने पर PPF खाते में कुल 9 लाख रुपए हो जमा हो जाएंगे. PPF में निवेश पर सालाना ब्याज से रिटर्न 7.1% है. इस लिहाज से 15 साल में निवेशकों को केवल ब्याज से 7,27,284 रुपए की कमाई होगी. कुल जमा को जब मैच्योरिटी पर निकाला जाएगा, जोकि कुल वैल्यू 16,27,284 रुपए हो जाएगी.

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SIP: अब बात करते हैं सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP की. यहां निवेशक 15 साल तक 5000 रुपए की मंथली SIP करता है, जोकि 9 लाख रुपए हो जाएगा. मान लीजिए की सालाना ब्याज 12% है. इस लिहाज से निवेशक को 15 साल की मंथली SIP पर 16,22,880 रुपए का केवल ब्याज मिलेगा. मैच्योरिटी पर निवेशक की रकम और ब्याज से कमाई एक साथ मिलेगी. ये रकम 25,22,880 रुपए होगी. लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि मार्केट में वॉलिटिलिटी के चलते रिटर्न की रकम कम या ज्यादा हो सकती है.

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SIP और PPF दोनों को 15 साल की अवधि के लिहाज से कैलकुलेशन करने पर पता चलता है कि SIP में ज्यादा रिटर्न मिलता है. लेकिन यहां जोखिम भी बहुत ज्यादा है. ऐसे में निवेश को लेकर किसी फैसले को फाइनेंशियल एडवाइजर से जरूर सलाह लें.