Types SIP: एसआईपी यानी Systematic Investment Plan एक ऐसा तरीका है जिससे आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम के जरिए म्यूचुअल फंड निवेश कर सकते हैं। SIP से आप डिसिप्लिन के साथ निवेश करते हैं और मार्केट के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है।

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SIP निवेश का एक स्मार्ट तरीका है, लेकिन आपको अपनी जरूरत, इनकम और लक्ष्य के अनुसार SIP का चुनाव करना चाहिए। अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो रेगुलर SIP सबसे आसान ऑप्शन है। धीरे-धीरे आप टॉप-अप या फ्लेक्सिबल SIP की तरफ बढ़ सकते हैं। एसआईपी अलग-अलग तरह की होती है, इनके बारे में आप जानकर इसमें निवेश कर सकते हैं।

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1. रेगुलर SIP

इसमें आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। ये सबसे सामान्य SIP होती है और ज्यादातर लोग इसी से शुरुआत करते हैं। उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आप हर महीने की 5 तारीख को ₹2000 निवेश करते हैं। जिन लोगों की इनकम फिक्सड नहीं होती है यानी इनकम घटती बढ़ती रहती है तो ऐसे लोग फ्लेक्सिबल SIP के जरिए निवेश कर सकते हैं।

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2. टॉप-अप SIP

इसमें आप समय-समय पर अपनी SIP की रकम बढ़ा सकते हैं। जैसे आपकी सैलरी बढ़े तो निवेश भी बढ़ाएं। आपकी सेविंग्स भी इससे बढ़ती हैं और फ्यूचर के लिए बड़ा फंड बनता है।

3. फ्लेक्सिबल SIP

इसमें आप हर महीने अपनी सुविधा के अनुसार राशि बदल सकते हैं। इसमें आप रकम को ज़्यादा या कम कर सकते हैं। इसका एक फायदा ये भी होता है कि आपकी कैश फ्लो के अनुसार निवेश कंट्रोल करना आसान होता है।

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4. परपेचुअल SIP

इस SIP में कोई आखिरी डेट नहीं होती। ये तब तक चलती है जब तक आप खुद इसे बंद न करें। अगर आपने कोई समाप्ति तिथि नहीं दी है, तो SIP हमेशा चलती रहेगी। इसमें लंबी अवधि तक निवेश करने की आदत बन जाती है।

5. ट्रिगर SIP

इसमें आप कुछ शर्तें तय करते हैं जैसे मार्केट गिरने पर निवेश शुरू हो। ट्रिगर SIP में निवेशक बाजार को देखते हुए SIP में अपने निवेश के लिए ट्रिगर सेट कर सकते हैं।