नई दिल्ली। अभी तक निवेश के लिए सबसे अच्छी जगह शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड को बताया जाता था, वहीं सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश। लेकिन कोरोन महामारी ने सब कुछ बदल दिया है। इस वक्त अगर 1 जनवरी 2020 से 31 जुलाई 2020 तक यानी 7 महीने में रिटर्न को देखें तो गोल्ड और सिल्वर ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। जहां तक पॉजिटव रिटर्न की बात है, तो सोना और चांदी के अलावा केवल बैंक और पोस्ट आफिस की एफडी ने ऐसा किया है। सबसे अच्छा रिटर्न देने का दावा करने वाले शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड का रिटर्न इस दौरान निगेटिव रहा है। यानी अगर किसी ने इन जगहों पर पैसा लगाया है तो उसकी वैल्यू घट गई है। जहां तक सोना और चांदी की बात है तो इनका रिटर्न पूरी दुनिया में सबसे अच्छा रहा है। इसके अलावा यह पहली बार हुआ है कि चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने का पीछे छोड़ दिया है। आइये जानते हैं कहां कितना मिला रिटर्न।

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बैंक एफडी में मिला है पॉजिटव रिटर्न

बैंकों और पोस्ट आफिस की सावधि जमा योजनाएं यानी एफडी में पैसा लगाने वालों को इस साल के शुरुआती 7 महीने में पॉजिटिव रिटर्न मिला है। इस साल जनवरी से अब तक इसमें निवेश करने वालों को करीब 5 फीसदी का रिटर्न मिला है। एफडी में निवेश करने पर किसी तरह का जोखिम भी नहीं होता।

एफडी में लगाए 1 लाख रुपये कितनी है वैल्यू : करीब 1.05 लाख रुपये

शेयर बाजार के निफ्टी में मिला निगेटिव रिटर्न

शेयर बाजार को सबसे अच्छे रिटर्न के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले 7 महीनों में शेयर बाजार की हालत खराब रही है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों के सूचकांक निफ्टी ने जनवरी से अब तक निगेटिव रिटर्न दिया है। निफ्टी ने 9.1 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। 

निफ्टी में लगाए 1 लाख रुपये कितनी है वैल्यू : करीब 91 हजार रुपये

बीएसई के सेंसेक्स में भी मिला निगेटिव रिटर्न

मुम्बई शेयर बाजार के सूचकांक सेंसेक्स का हाल भी इस दौरान बुरा रहा है। जनवरी से अब तक सेंसेक्स में भी करीब 9 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि इस साल 20 जनवरी को सेंसेक्स अपने लाइफटाइम हाई 42,273.87 अंक बनाया था।

सेंसेक्स में लगाए 1 लाख रुपये की कितनी है वैल्यू : करीब 91 हजार रुपये

टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड ने भी कराया घाटा

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम यानी ईएलएसएस म्यूचुअल फंड ऐसे साधन होते हैं, जिनमें निवेश करने पर इनकम टैक्स की छूट मिलती है। लेकिन जनवरी से अब तक ऐसे टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंडों का औसत रिटर्न करी 7.97 फीसदी नेगेटिव रहा है।

ईएलएसएस में लगाए 1 लाख रुपये की कितनी है वैल्यू : करीब 92 हजार रुपये

लार्जकैप म्यूचुअल फंड में डूबा पैसा

लार्जकैप म्यूचुअल फंडों को आमतौर ज्यादा सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इसमें निवेश करने वालों को भी नुकसान हुआ है। इस साल की शुरुआत से अब तक लार्जकैप म्यूचुअल फंडों ने औसतन 7.78 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया है।

लार्जकैप म्यूचुअल फंड में लगाए 1 लाख रुपये की कितनी है वैल्यू : करीब 92 हजार रुपये

मिडकैप म्यूचुअल फंड ने भी निराश किया

मिडकैप म्यूचुअल फंड ने भी इस दौरान निवेशकों को नुकसान कराया है। जनवरी से अब तक इन फंडों का रिटर्न औसतन 4.87 फीसदी निगेटिव रहा है। यानी निवेशकों को नुकसान ही हुआ है।

मिडकैप म्यूचुअल फंड में लगाए 1 लाख रुपये की कितनी है वैल्यू : करीब 95 हजार रुपये

स्मालकैप म्यूचुअल फंड में भी डूबा पैसा

स्मालकैप म्यूचुअल फंड ने भी निवेशकों का पैसा डुबाया है। हालांकि लार्जकैप म्यूचुअल फंडों की तुलना इनका प्रदर्शन थोड़ा ठीक रहा है, लेकिन इनमें भी निवेशकों को नुकसान ही कराया है। जनवरी से अब तक ऐसे फंडों में औसतन रिटर्न 5.19 फीसदी नेगेटिव ही रहा है।

लार्जकैप म्यूचुअल फंड में लगाए 1 लाख रुपये की कितनी है वैल्यू : करीब 95 हजार रुपये

सोना ने तोड़ा मुनाफा कराने का रिकॉर्ड

गोल्ड ने निवेशकों को मालामाल बनाने के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालांकि हरदम ही सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन इसने तो सुरक्षा के साथ साथ ही दमदार रिटर्न भी दिया है। इस साल जनवरी से लेकर अब तक गोल्ड में निवेश करने वालों को 37.4 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न मिला है। 1 जनवरी 2020 को 10 ग्राम सोना 39,108 रुपये का था और 31 जुलाई तक इसकी कीमत बढ़कर 53,743 रुपये हो गई थी।

गोल्ड में लगाए 1 लाख रुपये की कितनी है वैल्यू : करीब 1.37 लाख रुपये

चांदी में निवेश पर भी मिला बंपर मुनाफा

चांदी यानी सिल्वर ने भी निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिया है। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2020 तक इसमें निवेश बनाये रखने वालों को करीब 38.76 फीसदी का भारी भरकम रिटर्न मिला है। 1 जनवरी 2020 को 1 किलो चांदी का मूल्य 46,105 रुपये था, जो 31 जुलाई 2020 को बढ़कर 63,975 रुपये प्रति किलो हो गया।

चांदी में लगाए 1 लाख रुपये की कितनी है वैल्यू : करीब 1.39 लाख रुपये