Gold Silver New Rule: सोना और चांदी में निवेश करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बाजार की निगरानी करने वाली संस्था Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने गोल्ड और सिल्वर ETF से जुड़े नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि ETF की ट्रेडिंग कीमत और असली सोना-चांदी के भाव के बीच ज्यादा अंतर न रहे।

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अभी कैसे तय होती है कीमत?

इस समय देश में ETF एक तय सीमा के अंदर खरीदे और बेचे जाते हैं। यह सीमा दो दिन पहले के नेट एसेट वैल्यू (NAV) के आधार पर प्लस या माइनस 20 फीसदी तक होती है। लेकिन समस्या तब आती है जब बाजार में अचानक तेज तेजी या गिरावट होती है।

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सोना और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बदलती रहती हैं, जबकि ETF की ट्रेडिंग केवल शेयर बाजार के समय में होती है। इस वजह से कई बार ETF का भाव असली बाजार कीमत से अलग हो जाता है।

फिक्स्ड लिमिट हटाने का सुझाव

SEBI ने प्रस्ताव दिया है कि गोल्ड और सिल्वर ETF पर लागू फिक्स्ड प्राइस बैंड को हटाया जाए। इसकी जगह डायनेमिक प्राइस बैंड लागू करने की बात कही गई है। इसका मतलब है कि कीमत की सीमा रोज के ताजा इंडिकेटिव NAV के आधार पर तय होगी। इससे बाजार में चल रही असली स्थिति के मुताबिक ETF की कीमतें ज्यादा सटीक रह सकेंगी।

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अलग प्री-ओपन सेशन की योजना

कीमत तय करने की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए ETF के लिए अलग प्री-ओपन सेशन शुरू करने का सुझाव भी दिया गया है। इससे बाजार खुलने से पहले मांग और आपूर्ति का अंदाजा लगेगा और शुरुआती कीमत अधिक संतुलित तरीके से तय हो सकेगी।

निवेशकों को क्या फायदा?

अगर यह बदलाव लागू होता है तो निवेशकों को सोना और चांदी के ETF में ज्यादा पारदर्शिता मिल सकती है। बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के दौरान भी सही कीमत पर सौदा करने का मौका मिलेगा।

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लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह कदम भरोसा बढ़ाने वाला हो सकता है, क्योंकि ETF और असली एसेट के दाम में अंतर कम होगा।

SEBI का यह प्रस्ताव सोना-चांदी ETF को बदलते बाजार के अनुरूप ढालने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।