Salary vs Savings Account: आज के इस डिजिटल ट्रांजैक्शन के जमाने में लगभग हर किसी के परिवार में एक न एक बैंक खाता जरूर होगा। आमतौर पर सामान्य आदमी बैंक में जो अकाउंट खुलवाता है वह सेविंग अकाउंट होता है। वहीं, नौकरीपेश करने वाले लोगों के पास सैलरी अकाउंट होता है।

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हालांकि, कई ऐसे लोग होते हैं तो सेविग अकाउंट को सैलरी अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं जबकि इन दोनों अकाउंट्स का काम, नियम और फायदे अलग-अलग होते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि क्या दोनों अकाउंट को एकसमान इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर दोनों में कोई अंतर है? इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इनके क्या-क्या फायदे हैं? तो चलिए जानते हैं डिटेल में...

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सेविंग्स अकाउंट क्या होता है? (What Is Savings Account)

सेविंग्स अकाउंट वह खाता है जिसे आप खुद ऑनलाइन या ऑफलाइन खुलवाते हैं और इसमें आप अपनी कमाई या बचत को रखते हैं। बैंक की ओर से इसपर आपको कुछ ब्याज भी मिलता है। सेविंग अकाउंट के लिए सबसे खास बात यह है कि इसमें आपको अक्सर मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी होता है, वरना बैंक चार्ज लगा सकता है। हालांकि, कुछ बैंक जीरो बैलेंस पर भी सेविंग अकाउंट खोल रहे हैं।

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सेविंग्स अकाउंट में पैसे निकालना और जमा करना आसान होता है, लेकिन इसमें सैलरी अकाउंट जैसी एक्स्ट्रा सुविधाएं नहीं मिलतीं।

सैलरी अकाउंट क्या होता है? (What Is Salary Account?)

सैलरी अकाउंट वह अकाउंट होता है जिसे आपकी कंपनी, जहां आप काम कर रहे हैं, आपके नाम से खुलवाती है। इस खाते में कंपनी आपकी सैलरी जमा करती है। सैलरी अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई मिनिमम बैलेंस रखन जरूरत नहीं होता और इसपर बैंक कोई चार्ज नहीं लगाता है।

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इसके अलावा कई बैंक इसमें डेबिट कार्ड, नेट और मोबाइल बैंकिंग, शॉपिंग पर कैशबैक, ज्यादा फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट देते हैं।

दोनों अकाउंट के क्या-क्या फायदे हैं?

कई बैंक सैलरी अकाउंट के साथ फ्री क्रेडिट कार्ड ऑफर करते हैं। इसमें Annual Fee छूट, Reward Points और कैशबैक जैसी सुविधाएं मिलती हैं। वहीं, कुछ सैलरी अकाउंट के साथ एक्सिडेंटल डेथ कवर या हेल्थ इन्श्योरेंस का कवर भी मिलता है।

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इसके अलावा NEFT, RTGS जैसी डिजिटल ट्रांसफर सर्विसेज भी सैलरी अकाउंट में कई बार फ्री मिलती हैं। सैलरी अकाउंट वाले ग्राहकों को कई बार ऑनलाइन शॉपिंग और रेस्टोरेंट डील्स का फायदा भी मिलता है। सैलरी अकाउंट में अक्सर बैंक मुफ्त डेबिट कार्ड (Debit card) और चेक बुक (Cheque ) की सुविधा देते हैं। अगर कभी इमरजेंसी में आपके अकाउंट में पैसे नहीं हैं, तब भी सैलरी अकाउंट में ओवरड्राफ्ट की सुविधा होती है।

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वहीं सेविंग बैंक अकाउंट सरप्लस फंड रखने का एक सिक्योर ऑप्शन प्रोवाइड करता है। सेविंग अकाउंट पर ब्याज दरें आम तौर पर 2.60% प्रति वर्ष से लेकर 8% प्रति वर्ष तक होती हैं। आप पूरे भारत में किसी भी ATM मशीन से अपने डेबिट कार्ड का यूज करके पैसे निकाल सकते हैं। लॉकर रेंटल फीस पर छूट के साथ-साथ इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं भी उपलब्ध हैं। आपके सेविंग अकाउंट से ऑटो डेबिट और ऑटो क्रेडिट सेट किए जा सकते हैं। कुछ बैंक इंश्योरेंस कवरेज भी प्रोवाइड करते हैं, जिसमें पर्सनल एक्सीडेंट और डेथ बेनिफिट शामिल हो सकते हैं।