नयी दिल्ली। इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) ने सभी बीमा कंपनियों से 1 अप्रैल 2021 से सरल पेंशन योजना शुरू करने के लिए कहा था। यह एक स्टैंडर्ड एन्युटी प्रोडक्ट है। सरल पेंशन योजना के तहत दो एन्युटी विकल्प मौजूद हैं, जिनमें सिंगल लाइफ एन्युटी और जॉइंट लाइफ एन्युटी शामिल हैं। बीमा कंपनियां बीमा पॉलिसियों और पेंशन प्लान को अलग-अलग नामों से बेचती हैं। इसलिए लोगों को अपने लिए सही पॉलिसी चुनने में दिक्कत आती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आईआरडीएआई ने सरल पेंशन योजना की शुरुआत की। सरल पेंशन योजना में नियम और शर्तें आसान, स्पष्ट और एक जैसी होंगी। आइए जानते हैं इस योजना के फीचर्स और फायदे।
आईआरडीएआई ने अपने दिशानिर्देशों में कहा कि सरल पेंशन योजना के लिए न्यूनतम वार्षिकी राशि का योगदान प्रति माह 1,000 रुपये, हर तीन महीने में 3,000 रुपये, हर छह महीने में 6,000 रुपये और एक वर्ष में 12,000 रुपये है। ग्राहकों को मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर अवधि चुनने का विकल्प होगा। रिटायरमेंट के बाद यह सुविधा नियमित आय के रूप में पेंशन योजना के तहत उपलब्ध होगी।
ग्राहक जो भी अवधि चुनेंगे उसी के आधार पर पेंशन राशि तय होगी। सरल पेंशन योजना में ग्राहक जो प्रीमियम देंगे उसका भी वापस भुगतान किया जाएगा। अगर ग्राहक 'लाइफ एन्युटी विद 100 परसेंट रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस' ऑप्शन चुने (जिसमें पेंशन किसी एक व्यक्ति को मिलेगी) तो जीवन भर पेंशन मिलती रहेगी। पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद पॉलिसी खरीदने के लिए दी गई बेस प्रीमियम राशि नॉमिनी को दे दी जाएगी। मगर ध्यान रहे कि कटा हुआ टैक्स वापस नहीं मिलेगा।
सरल पेंशन योजना में दूसरा विकल्प है जॉइंट लाइफ का। ये ऑप्शन पति-पत्नी के लिए है। इस ऑप्शन के तहत जब तक दोनों में से एक भी जीवित रहेगा तब तक पेंशन मिलती रहेगी। यदि पति-पत्नी में से एक की मृत्यु हो जाए तो दूसरे को जीवित रहने तक पेंशन मिलती रहेगी। दोनों के गुजर जाने पर बेस प्राइस राशि नॉमिनी को दी जाएगी।
आईआरडीएआई के निर्देशों के अनुसार सरल पेंशन पॉलिसी को शुरू होने की तारीख से छह महीने बाद कभी भी सरेंडर की जा सकती है। अगर आप इस योजना में निवेश करना चाहते हैं तो बता दें कि आपकी आयु कम से कम 40 साल और अधिकतम आयु 80 साल होनी जरूरी है। एक और अहम बात न्यूनतम पेंशन जितनी होगी उसी आधार पर न्यूनतम निवेश राशि तय की जाएगी।
सरल जीवन पॉलिसी लेने के बाद यदि आपको जरूरत पड़े तो आप लोन भी ले सकते हैं। कुछ बीमारियों के मामले में आपको पॉलिसी सरेंडर करके पैसा वापस लेने का ऑप्शन भी होगा। अगर पॉलिसी सरेंडर की जाए तो बेस प्राइस का 95 फीसदी पैसा वापस मिल जाएगा। पॉलिसी सरेंडर करने पर खरीद मूल्य की 5% राशि आपको लौटा दी जाएगी। अगर आप कोई बीमा पॉलिसी लेने जा रहे हैं तो सरल पेंशन योजना आपके काफी काम आ सकती है।
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