नई दिल्ली: पोस्ट ऑफिस में अगर आपका बचत खाता है तो आपके लिए यह खबर वाकई बहुत बड़ी है। भारतीय डाकघर ने मिनिमम बैलेंस का नियम बदल दिया है। डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट ने पोस्ट ऑफिस के बचत खातों में न्यूनतम बैंलेस की सीमा 50 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी है। जिन खाताधारकों का न्यूनतम बैलेंस 500 रुपये से कम है। तो बता दें कि अगर आपके खाते में 500 रुपये का मिनिमम बैलेंस नहीं है तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। इतना ही नहीं वित्तिय वर्ष के अंतिम कार्य के दिन पोस्ट ऑफिस 100 रुपये पेनल्टी वसूली जाएगी। इसके अलावा जिनके बचत खाते में जीरो बैलेंस है उनका अकाउंट बंद कर दिया जाएगा। पोस्ट ऑफिस की इन स्कीमों में मिलता है इनकम टैक्स का फायदा ये भी पढ़ें
जानकारी दें कि एक आंकड़े के मुताबिक, 19 दिसंबर 2019 तक करीब 13 करोड़ पोस्ट ऑफिस अकांउट में मिनिमम बैलेंस 500 रुपये से कम था। इसके बाद पोस्ट ऑफिस डायरेक्टोरेट ने सभी पोस्ट ऑफिसेज से कहा कि अकाउंटहोल्डर्स से से मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने के लिए संपर्क करें। पोस्ट ऑफिस के इन अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न होने की वजह से पोस्ट ऑफिस को सालाना करीब 2,800 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
ऑल इंडिया पोस्ट एम्पलॉइज यूनियन ग्रुप सी के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पोस्ट ऑफिस के अधिकतर सेविंग अकाउंट गावों में हैं। बता दें कि कई बार इन अकाउंट्स में 500 रुपये का मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना आसान नहीं होता है। ऐसे में अगर इन अकाउंट्स में मिनिमम 500 रुपये मेंटेन करने को कहा जाता है तो अपना सेविंग अकाउंट बंद कर सकते हैं, क्योंकि मिनिमम बैलेंस नहीं होने पर उन्हें पेनाल्टी देनी होगी। बता दें कि पोस्ट ऑफिस के इन सेविंग्स अकाउंट में अगर मिनिमम बैलेंस नहीं रहता है तो वित्त वर्ष के अंतिम दिन इन अकाउंट्स से 100 रुपये काट लिया जाएगा। ऐसा हर साल किया जाएगा। अगर इन अकाउंट में जीरो बैलेंस होता है तो इस अकाउंट को अपने आप बंद कर दिया जाएगा।
- खाता खोलने के लिए न्यूनतम धनराशि 20 रुपये है, जबकि व्यक्तिगत / संयुक्त खातों पर 4.0% वार्षिक ब्याज मिलता है।
- ध्यान रखें कि खाता केवल नकदी के द्वारा खोला जा सकता है।
- वहीं गैर-चेक सुविधा वोले खाते में आवश्यक न्यूनतम शेष धनराशि 50/- रुपए है।
- जानकारी दें कि 500 रुपये के साथ खाता खोलने पर चेक सुविधा उपलब्ध है और इसलिए ऐसे खाते में न्यूनतम शेष धनराशि 500 रुपये का होना आवश्यक है।
- किसी मौजूदा खाते में भी चेक सुविधा ली जा सकती है।
- वित्तीय वर्ष २12-13 से अर्जित ब्याज प्रति वर्ष 10000 रुपये तक कर मुक्त है।
- वहीं नामांकन की सुविधा खाता खोलने के समय तथा खाता खोलने के बाद भी उपलब्ध है।
- यह खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में स्थानांतरित किया जा सकता है।
- एक डाकघर में एक खाता खोला जा सकता है। वहीं किसी नाबालिग व्यक्ति के नाम से भी खाता खोला जा सकता है और 10 साल और उससे अधिक आयु के नाबालिग व्यक्ति खाता खोल भी सकते हैं और संचालित भी कर सकते हैं।
- बता दें कि संयुक्त खाता दो या तीन वयस्कों द्वारा खोला जा सकता है।
- खाते को सक्रिय रखने के लिए तीन वित्तीय वर्षों में जमा या निकासी का कम से कम एक लेनदेन आवश्यक है।
- जबकि एकल खाता संयुक्त खाते में और संयुक्त खाता एकल खाते में परिवर्तित किया जा सकता है।
- बालिग होने के बाद नाबालिग व्यक्ति को अपने नाम पर खाते के स्थानांतरण के लिए आवेदन करना पड़ेगा।
- सीबीएस डाकघरों में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से जमा और निकासी की जा सकती है।
- अच्छी बात तो यह है कि इसके द्वारा एटीएम की सुविधा भी मिलती है।
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