Rent Vs EMI: आज के समय में ग्रामीण इलाकों से भारी संख्या में लोग शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में शहरों में घर की डिमांड काफी बढ़ गई है। लाखों की संख्या में लोग किराए के मकान में रहते हैं। शहरों में घरों की जरूरतों को देखते हिए मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स बन गई हैं और अभी भी भारी संख्या में बन रही हैं। लोग अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए होम लोन या पर्सनल लोन लेकर अपार्टमेंट या फ्लैट खरीद रहे हैं, जिसकी ईएमआई 15-20 या 25 साल तक चुकानी पड़ती है।
चूंकि हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना घर हो, लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल उठता है कि रेंट में रहना ज्यादा फायदेमंद है या फिर लोन लेकर फ्लैट या घर खरीदना ज्यदा सही रहेग? मिडिल क्लास फैमिली या नौकरीपेशा करने वाले लोगों के सामने यह फैसला लेना एक कठिन समस्या बन जाता है, क्योंकि उन्हें अपने और अपने परिवार की जिम्म्दारियों व खर्चों को पूरा करते हुए इस काम को आगे बढ़ाना है। तो चलिए समझने की कोशिश करते कि कहां फायदेमंद साबित हो सकता है...
किराये के घर पर रहना कितना फायदेमंद? (Pros And Cons Of Renting A Home)
यदि एक आम धारना की बात करें को किराए के घर पर रहना उन लोगों के लिए अच्छा और फायदेमंद समझा जाता है जिनकी नौकरी या कमाई स्थिर नहीं है। मतलब जिनकी आय सुनिश्चित नहीं हो, उनके लिए किराए का घर ज्यादा मुफिद है, क्योंकि यदि आप किसी परिस्थिति में 2 माह या 6 माह किराया नहीं भर पाओगे तब भी मकान मालिक संभवत: आपको समझ सकता है। यहां पर आपको तय तारीख पर ही ईएमआई भरने का टेंशन नहीं होता है। आप एक-दो दिन या फिर हफ्ते भर भी आगे-पीछे किराया दे सकते हैं।
इसके अलावा किराए के घर के फायदे यह हैं कि आप जब चाहो उसे बदल सकते हैं और अपनी मर्जी से किसी भी शहर में जाकर रह सकते हैं। हालांकि किराए के घर में रहने के कुछ नुकसान भी हैं। मसलन आप किसी एक मकान में 10 साल तक रहे और उसके लिए आपने हर महीने 5,000 रुपये का किराया भरा। लेकिन आखिर में 10 साल बाद भी आप उस मकान के मालिक नहीं बन पाएंगे, जबकि इस अवधि में आप कुल किराया 6 लाख रुपये से अधिक भर चुके होंगे।
लोन लेकर घर खरीदना फायदेमंद या नुकसान? (Pros And Cons Of Buying A Home On EMI)
अब दूसरे ऑप्शन की बात करें तो ईएमआई यानी लोन लेकर खरीदना उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनकी निश्चित आय है। यानी आपका पर्मानेंट नौकरी है या कोई ऐसा काम जिससे हर महीने आपको इनकम आती है। चूंकि ईएमआई एक तय तारीख को भरनी होती है, ऐसे में आप ऐसा कर सकते हैं। यहां पर जैसे-जैसे आप ईएमआई भरते जाते हैं, वैसे-वैसे मकान पर आपका अधिकार बढ़ता चला जाता है और आखिर में जब किस्त पूरी हो जाती है तो वह घर आपके नाम हो जाता है। यहां पर ध्यान रखना चाहिए कि वर्तमान की कमाई को देखकर कभी भी लोन पर मकान नहीं लेना चाहिए, बल्कि आगे के कम से कम 1 साल की अवधि तक ईएमआई भरने की क्षमता सुनिश्चित होनी चाहिए, क्योंकि मान लिजिए किसी कारण से आपकी इनकम बंद हो भी जाए तो आप आसानी से चुका सकते हैं। साथ में इनकम के स्त्रोत भी तलाश सकते हैं।
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