भारतीय रिजर्व बैंक की हर दो महीने में होने वाली मौद्रिक नीति कमिटी यानी MPC मीटिंग खत्म हो गई है. अगस्त पॉलिसी में ब्याज दरों को 6.5% पर स्थिर रखा है. यह लगातार 9वीं बार है जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए महंगाई दर और विकास दर पर पहले के अनुमान को भी बरकरार रखा है. इसके साथ ही कुछ अन्य मुद्दों पर जानकारी दी, जिसमें चेक क्लीयरेंस के T+1 से 0 करने पर बात रखी.

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नहीं करना होगा इंतजार

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि चेक पेमेंट्स को कुछ ही घंटों में क्लीयर करने पर काम चल रहा है. इसके पूरे होने पर चेक चंद घंटों में ही क्लीयर हो जाएगा. गवर्नर ने 8 अगस्त को MPC स्टेटमेंट में यह बात कही. बता दें कि चेक क्लीयर होने में फिलहाल अभी 2 दिन का समय लगता है. उन्होंने कहा कि चेक क्लीयरिंग की क्षमता में सुधार और पार्टिसिपेंट्स के लिए सेटलमेंट रिस्क को कम करने और ग्राहकों के एक्सपीरियंस को भी बेहतर करना है.

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नए सिस्टम का मतलब चेक-बेस्ड ट्रांजैक्शन की गति में उल्लेखनीय सुधार है. कम क्लीयरेंस टाइम से पैसे के एक खासे से अन्य खाते में तेजी से जमा हो जाएंगे. यह खासकर तत्काल भुगतान और फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है.

9वीं बार दरों में कोई बदलाव नहीं

शक्तिकांत दास ने बताया कि MPC के 6 में से 4 सदस्यों ने दरों में बदलाव न करने के पक्ष में वोट किया. इसीलिए सेंट्रल बैंक की MPC अकोमोडेटिव रुख वापस लेने के पक्ष में रहा. बता दें कि रिजर्व बैंक ने पिछली बार 2023 में फरवरी पॉलिसी के दौरान दरों में बढ़ोतरी की थी. इस साल अप्रैल में हुई RBI MPC मीटिंग में ब्याज दरों को जस का तस रखा गया था.

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रिजर्व बैंक की नीतिगत दरें

रेपो रेट 6.50%
SDF 6.25%
MSF 6.75%
Bank rate 6.75%