भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 8 अप्रैल की सुबह अपनी पॉलिसी दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि आपके घर और कार लोन की EMI फिलहाल स्थिर रहने वाली है। कर्ज लेने वालों के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि ब्याज का बोझ अभी नहीं बढ़ेगा। ज्यादातर बैंक आज अपने रिटेल लोन की ब्याज दरों को पहले जैसा ही बनाए रखेंगे।

Advertisement

ब्याज दरों में स्थिरता उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो घर के लिए कोई बड़ी खरीदारी करने की प्लानिंग कर रहे हैं। कई भारतीय बैंकों ने नए कैशबैक ऑफर्स और नो-कॉस्ट EMI प्लान पेश किए हैं। इन डील्स की मदद से ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त ब्याज के महंगी चीजें आसानी से खरीद सकते हैं। समझदारी से शॉपिंग करके आप अपनी हर खरीदारी पर अच्छी बचत कर सकते हैं।

Advertisement

RBI के फैसले के बाद बैंकों के लेटेस्ट ऑफर्स

भले ही रेपो रेट 6.5 प्रतिशत पर बरकरार है, लेकिन बैंक अपने लोन सर्कुलर अपडेट कर रहे हैं। अब आपको मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) पर बारीकी से नजर रखनी होगी। कुछ प्राइवेट बैंक नए ग्राहकों को लुभाने के लिए आज छोटे डिस्काउंट भी दे रहे हैं। इन बदलावों की वजह से लोन मार्केट में ग्राहकों के लिए काफी अच्छे विकल्प मौजूद हैं।

बैंक का नामलोन का प्रकारलेटेस्ट ऑफर स्टेटस
HDFC बैंकपर्सनल लोनकम प्रोसेसिंग फीस
ICICI बैंकइलेक्ट्रॉनिक्स10% कार्ड कैशबैक
SBIहोम लोनस्थिर EBLR दरें

कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड डील्स और इंस्टेंट कैश रिवॉर्ड्स के लिए अपने बैंकिंग ऐप्स जरूर चेक करें। HDFC और ICICI जैसे दिग्गज बैंक जीरो-प्रोसेसिंग फीस वाली लोन स्कीम्स को प्रमोट कर रहे हैं। इन खास ऑफर्स का मकसद मार्केट में खरीदारी को बढ़ावा देना है। आप इन लाइव बैंक प्रमोशन्स का फायदा उठाकर अपने पैसे बचा सकते हैं।

Advertisement

RBI रेट और EMI पर क्या होगा असर?

जो कर्जदार एक्सटर्नल बेंचमार्क सिस्टम से जुड़े हैं, उनकी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, पुराने MCLR सिस्टम वाले ग्राहकों को बैंकों द्वारा हर महीने किए जाने वाले रेट रिविजन पर नजर रखनी चाहिए। रेपो रेट स्थिर रहने का मतलब है कि आपकी मंथली EMI का बोझ फिलहाल नहीं बढ़ेगा, जिससे परिवारों को अपना बजट प्लान करने में काफी मदद मिलेगी।

Advertisement

मार्केट में इस पॉलिसी अपडेट के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं। निवेशकों के लिए यह सही समय है कि वे ब्याज दरों में संभावित कटौती से पहले ही इन दरों का फायदा उठा लें। बैंक के नोटिफिकेशन्स पर नजर रखकर आप अपनी मंथली सेविंग्स को बढ़ा सकते हैं। लेटेस्ट फाइनेंशियल डील्स के लिए हमेशा नए सर्कुलर्स चेक करते रहें।