5 जून, 2026 की सुबह 10:50 बजे RBI ने अपनी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। पॉलिसी का रुख (stance) अभी भी 'न्यूट्रल' बना हुआ है। इसका सीधा मतलब यह है कि फ्लोटिंग-रेट वाली आपकी EMI में आज कोई बदलाव नहीं होगा। यह बदलाव आपकी अगली 'रिसेट डेट' पर ही लागू होगा। वहीं, क्रेडिट कार्ड के फाइनेंस चार्जेस पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे रेपो रेट से लिंक नहीं होते और बैंकों की अपनी पॉलिसी पर निर्भर करते हैं।
आपको राहत कब मिलेगी, यह 'रिसेट रूल्स' तय करते हैं। रेपो-लिंक्ड एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) वाले लोन हर तीन महीने में कम से कम एक बार रिसेट होने जरूरी हैं। वहीं, MCLR आधारित लोन साल में एक बार या आपके कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से रिसेट होते हैं। इसलिए, ब्याज दरों का असर बैंक की घोषणा से ज्यादा आपकी रिसेट डेट पर निर्भर करता है। अपनी सही रिसेट साइकिल जानने के लिए अपना सैंक्शन लेटर जरूर चेक करें।
रेपो रेट और प्रमुख बैंकों के होम लोन EMI बेंचमार्क
देश के बड़े बैंकों के बेंचमार्क से नए बेस रेट का अंदाजा मिलता है। ICICI बैंक का एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट 15 मई, 2026 से 8.40 प्रतिशत प्रभावी है। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का EBLR 15 दिसंबर, 2025 से 7.90 प्रतिशत पर बना हुआ है। ध्यान रहे कि ग्राहकों के लिए फाइनल ब्याज दर में बैंक का स्प्रेड और क्रेडिट-रिस्क प्रीमियम भी जुड़ता है, इसलिए हर प्रोफाइल के लिए रेट अलग हो सकते हैं। क्रेडिट कार्ड का सालाना ब्याज (APR) अभी भी 30–45 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
| बैंक | रेपो-लिंक्ड बेंचमार्क | प्रभावी तारीख |
|---|---|---|
| ICICI Bank | I-EBLR 8.40% p.a. | 15 May 2026 |
| State Bank of India | EBLR 7.90% p.a. | 15 Dec 2025 |
| Canara Bank | RLLR 8.25% p.a. | 12 Oct 2025 |
EMI कैलकुलेटर: होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन का गणित
आज के बेंचमार्क रेट्स के आधार पर अपने कैश फ्लो की प्लानिंग करें। नीचे दी गई EMI की गणना मौजूदा रेट्स पर की गई है, जिसमें फीस, इंश्योरेंस और GST शामिल नहीं है। ये आपकी अगली रिसेट डेट पर अपडेट हो जाएंगी। इनका इस्तेमाल आप अपनी लोन चुकाने की क्षमता (affordability) जांचने और बैलेंस ट्रांसफर के ऑफर्स की तुलना करने के लिए कर सकते हैं। अगर आपका बैंक अलग स्प्रेड या टेन्योर ऑफर कर रहा है, तो दोबारा कैलकुलेट जरूर करें।
| लोन का प्रकार | रकम | ब्याज दर | अवधि (Tenure) | अनुमानित EMI |
|---|---|---|---|---|
| होम लोन (रेपो-लिंक्ड) | ₹30,00,000 | 8.40% | 20 साल | ₹25,845 |
| ऑटो लोन | ₹10,00,000 | 10.00% | 7 साल | ₹16,601 |
| पर्सनल लोन | ₹10,00,000 | 14.00% | 5 साल | ₹23,268 |
लोन लेने वालों के लिए जरूरी बातें: रिसेट डेट, बैलेंस ट्रांसफर और चार्जेस
सबसे पहले अपनी रिसेट डेट चेक करें; अगर ब्याज दरें गिरती हैं, तो कुल ब्याज बचाने के लिए EMI कम करने के बजाय लोन की अवधि (tenure) घटवाने की कोशिश करें। अगर आपके बैंक का स्प्रेड ज्यादा लग रहा है, तो बैलेंस ट्रांसफर पर विचार करें, लेकिन प्रोसेसिंग फीस का हिसाब जरूर लगा लें। SBI होम लोन पर 0.35% + GST और ICICI आमतौर पर 0.50% + GST चार्ज करता है। SBI कार्ड बैलेंस ट्रांसफर पर 2% या न्यूनतम ₹199 का शुल्क लगता है। क्रेडिट कार्ड के ब्याज की पूरी जानकारी आपके MITC डॉक्यूमेंट में होती है। FD और सेविंग्स रेट्स में बदलाव आमतौर पर थोड़ा रुककर आता है, इसलिए फिलहाल इनमें स्थिरता की उम्मीद है।
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