रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 3 जून को होने जा रही है। ब्याज दरों को लेकर बाजार में अभी से हलचल तेज हो गई है। कई निवेशक इस उलझन में हैं कि क्या उन्हें अभी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लॉक कर देना चाहिए। यह बैठक होम और ऑटो लोन लेने वालों के लिए भी बेहद अहम है, क्योंकि दरों में किसी भी बदलाव का सीधा असर आपकी जेब और हर महीने जाने वाली EMI पर पड़ेगा।

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बाजार एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट) की बढ़ोतरी हो सकती है। दरअसल, महंगाई का बढ़ता स्तर केंद्रीय बैंक के लिए अब भी बड़ी चिंता बना हुआ है। अगर दरें बढ़ती हैं, तो आपकी लोन की किस्त यानी EMI बढ़ना लगभग तय है। ऐसे में मिडिल क्लास परिवारों के लिए अपने बजट को प्लान करना जरूरी हो गया है। इन बारीकियों को समझकर आप अपने पर्सनल फाइनेंस को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।

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RBI MPC Meeting: होम और ऑटो लोन की EMI पर क्या होगा असर?

ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर फ्लोटिंग-रेट वाले लोन पर पड़ता है। ऐसे में कर्ज लेने वालों को या तो हर महीने ज्यादा पैसे चुकाने होंगे या फिर उनके लोन की अवधि (Tenure) बढ़ जाएगी। वहीं, डेट फंड में निवेश करने वालों को फिलहाल शॉर्ट से मीडियम टर्म वाले विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए। इससे पॉलिसी के ऐलान से पहले बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव को संभालने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स फिलहाल लॉन्ग-टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

लोन का गणितमौजूदा दर (9%)नई दर (9.25%)
50 लाख रुपये पर EMI44,986 रुपये45,800 रुपये
सालाना असरबेस लेवल9,768 रुपये अतिरिक्त

FD लैडरिंग या RBI के फैसले का इंतजार? निवेश की सही स्ट्रैटेजी

फिलहाल फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाला ब्याज काफी आकर्षक स्तर पर है। अपने निवेश को स्मार्ट तरीके से मैनेज करने के लिए आप 'FD लैडरिंग' का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस स्ट्रैटेजी में आप अपने पूरे फंड को एक साथ जमा करने के बजाय अलग-अलग समय सीमा (Tenure) वाली कई FD में बांट देते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि एक निश्चित अंतराल पर आपका कुछ पैसा मैच्योर होता रहे। ध्यान रखें कि छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की दरों में 30 जून तक कोई बदलाव नहीं होने वाला है।

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जून में आने वाली यह पॉलिसी बाजार का रुख तय करेगी। जानकारों की मानें तो मौजूदा ऊंची दरों पर FD लॉक करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। वहीं, लोन लेने वाले ग्राहकों को अपने लोन एग्रीमेंट को एक बार जरूर चेक करना चाहिए ताकि वे ब्याज दरों में होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहें। 5 जून को होने वाले अंतिम ऐलान पर नजर रखें, ताकि आप समय रहते अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित कर सकें।