भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 3 जून से 5 जून तक होने वाली है। इस मीटिंग में तय होगा कि अगली तिमाही में ब्याज दरों का रुख क्या रहेगा। ऐसे में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि वे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनें या सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)। फिलहाल ब्याज दरें काफी ऊंची हैं, जो सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए मुनाफा पक्का करने का एक शानदार मौका है।

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बाजार के जानकारों का मानना है कि फिलहाल केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, अगर भविष्य में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो बैंकों की एफडी दरें गिर सकती हैं। इसलिए, लंबी अवधि के निवेशकों को चाहिए कि वे दरों में गिरावट आने से पहले मौजूदा हाई यील्ड वाली एफडी में पैसा लगा दें। इससे न केवल आपकी वेल्थ सुरक्षित रहेगी, बल्कि महंगाई और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कम होगा।

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RBI MPC के फैसले और FD दरों पर क्या है रणनीति?

अगर आपका लक्ष्य दो साल के भीतर का है, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) सबसे सुरक्षित विकल्प हैं। सीनियर सिटीजन के लिए 'सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम' (SCSS) पर 8.2% की शानदार ब्याज दर मिल रही है। वहीं, जो लोग 5 साल या उससे ज्यादा समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए SIP सबसे बेहतर है। यह बैलेंस अप्रोच रिस्क को कम करती है और इक्विटी के जरिए अच्छी ग्रोथ भी दिलाती है।

निवेश का विकल्पसही समय सीमाअनुमानित रिटर्न
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट1 से 2 साल7.0% से 7.8%
SCSS5 साल8.2% सालाना
इक्विटी SIP5 साल से ज्यादा12% से 15% या ज्यादा

RBI MPC मीटिंग के बाद निवेश में कैसे करें बदलाव?

कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने टैक्स स्लैब और लिक्विडिटी (पैसे की जरूरत) का ध्यान जरूर रखें। डेट इंस्ट्रूमेंट्स से होने वाली कमाई पर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है, जिससे आपका नेट मुनाफा कम हो सकता है। इसके उलट, एक साल से ज्यादा समय तक रखे गए इक्विटी निवेश पर टैक्स की दर कम होती है। साथ ही, इमरजेंसी के लिए कुछ फंड हमेशा लिक्विड रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आपको अपनी एफडी बीच में न तोड़नी पड़े।

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1 जून से 7 जून के बीच अपने पोर्टफोलियो की अच्छी तरह समीक्षा करें। अगर आपकी प्राथमिकता सुरक्षा है, तो बेकार पड़े पैसे को शॉर्ट-टर्म डिपॉजिट में डाल दें। वहीं, लंबी अवधि में वेल्थ बनाने के लिए पॉलिसी की खबरों की परवाह किए बिना अपनी इक्विटी SIP जारी रखें। इन स्टेप्स को फॉलो करके आप ब्याज दरों के किसी भी माहौल में अपने पैसे से बेहतर रिटर्न पा सकते हैं।