भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सालाना रिपोर्ट में कर्ज की दरों (lending benchmarks) को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साल 2025 के आखिर में रेपो रेट में हुई कटौती के बाद अब बैंकों ने ब्याज दरों को कम करना शुरू कर दिया है। इस ट्रेंड का सीधा असर आपकी होम लोन की ईएमआई (EMI) पर पड़ने वाला है। अगर आप लोन चुका रहे हैं, तो इन बदलावों पर बारीकी से नजर रखें ताकि आप जरूरत से ज्यादा ब्याज न भरें।

Advertisement

केंद्रीय बैंक का कहना है कि पॉलिसी रेट्स में कटौती का फायदा अब ग्राहकों तक तेजी से पहुंच रहा है। पुराने सिस्टम के मुकाबले एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट (EBLR) मॉडल में ब्याज दरें ज्यादा जल्दी कम हो रही हैं। कार और होम लोन लेने वालों के लिए यह अपनी लागत घटाने का एक बेहतरीन मौका है। हो सकता है कि आप आज भी अपने पुराने कर्ज पर जरूरत से ज्यादा ब्याज दे रहे हों।

Advertisement

RBI की सालाना रिपोर्ट और लेंडिंग बेंचमार्क को समझें

अब MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट) और EBLR के बीच का अंतर कम हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुराने लोन के मुकाबले नए लोन अब तेजी से सस्ते हो रहे हैं। अगर आपका लोन अभी भी पुराने MCLR साइकिल से जुड़ा है, तो आप बड़ी बचत का मौका गंवा रहे हैं। आज ही अपनी मौजूदा ब्याज दर की तुलना मार्केट की नई दरों से करना जरूरी है।

लोन की राशिपुरानी EMI (9%)नई EMI (8.5%)हर महीने बचत
50 Lakhs44,98643,3911,595
75 Lakhs67,47965,0872,392

कम ब्याज दरों पर लोन रिफाइनेंस करने का सही तरीका

रिफाइनेंसिंग का मतलब है बेहतर ब्याज दरों के लिए अपने लोन को किसी दूसरे बैंक या लेंडर के पास ट्रांसफर करना। लेकिन कोई भी कदम उठाने से पहले प्रोसेसिंग फीस और छिपे हुए चार्ज (hidden charges) का हिसाब जरूर लगा लें। ब्याज दर में महज 0.5% का अंतर भी लंबे समय में लाखों रुपये बचा सकता है। आज लिया गया एक छोटा सा फैसला भविष्य में आपके बड़े पैसे बचाएगा। बाहर विकल्प तलाशने से पहले अपने मौजूदा बैंक से रेट कम करने (rate reset) की बात जरूर करें।

Advertisement

लोन स्विच करने की सफलता आपके क्रेडिट स्कोर और रीपेमेंट रिकॉर्ड पर निर्भर करती है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अपने मौजूदा बैंक से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) ले लें। अभी कदम उठाकर आप भविष्य के लिए कम ब्याज दरों का फायदा पक्का कर सकते हैं। गिरती ब्याज दरों के इस दौर में यह समझदारी भरा कदम आपकी लॉन्ग-टर्म सेविंग्स को सुरक्षित रखेगा।