Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana: देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि चार महीने चले विशेष अभियान के दौरान प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत 1.11 करोड़ नए बैंक खाते खोले गए हैं। यह अभियान 31 अक्टूबर 2025 को समाप्त हुआ और इसका टारगेट था कि हर नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जा सके ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक सुविधाओं से वंचित न रहे।
जन धन खाता: हर आम नागरिक के लिए बैंकिंग की आसान सुविधा
जन धन खाता एक बेसिक सेविंग अकाउंट है, जिसे कोई भी नागरिक बेहद आसान प्रोसेस के जरिए खुलवा सकता है। इस खाते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की कोई जरूरत नहीं होती। यानी अगर खाते में पैसे नहीं भी हैं, तब भी यह चालू रहता है। साथ ही इसमें रुपे डेबिट कार्ड दिया जाता है, जिसके माध्यम से खातेधारक एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं और डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।
खाते में हर महीने चार बार तक मुफ्त निकासी की सुविधा मिलती है। इसके बाद अगर कोई अतिरिक्त निकासी की जाती है तो मामूली बैंक चार्ज देना होता है। खाते में जमा राशि पर ब्याज भी मिलता है, जिससे गरीब और ग्रामीण तबके के लोगों को बचत के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
जन धन खाते के मुख्य फायदा
जन धन योजना सिर्फ एक बैंक खाता नहीं बल्कि कई सरकारी योजनाओं से जुड़ा एक माध्यम है।
खाताधारक को 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलती है।
रुपे कार्ड पर 1 से 2 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है।
इस खाते में सरकारी सब्सिडी और योजनाओं की राशि सीधे ट्रांसफर की जाती है।
जन धन खाता प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना से भी जुड़ा होता है।
वित्तीय समावेशन में बड़ी सफलता
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 11 वर्षों में देशभर में 56 करोड़ से ज्यादा जन धन खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में अब तक 2.68 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जमा हो चुकी है। अगस्त 2025 तक 38 करोड़ से ज्यादा RuPay कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनसे डिजिटल भुगतान को और बढ़ावा मिला है।
इन खातों में से 67% खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में खोले गए हैं, जबकि 56% खाते महिलाओं के नाम पर हैं। यह दर्शाता है कि जन धन योजना ने ग्रामीण भारत और महिलाओं को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना अब केवल एक बैंकिंग योजना नहीं, बल्कि गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांति बन चुकी है। इससे गांवों में आर्थिक सशक्तिकरण बढ़ा है, महिलाओं की भागीदारी मजबूत हुई है और हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का सीधा फायदा पहुंच रहा है। यह कहा जा सकता है कि जन धन योजना ने भारत के वित्तीय ढांचे में गहराई से बदलाव लाने की नींव रख दी है।
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