नई दिल्ली, जून 28। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) भारत में भविष्य की जरुरतों के लिए बचत का एक बेहतर विकल्प है। प्रॉविडेंट फंड पर फिलहाल 7.1 फीसदी का सालाना ब्याज दर मिल रहा है। प्रविडेंट फंड केवल व्यस्को के लिए ही उपयोगी नही है आप अपने बच्चे के नाम से पीपीएफ अकाउंट खोलकर उसकी पढ़ाई या शादी के लिए बजट तैयार कर सकते हैं। बच्चों के लिए प्रोविडेंट खाता खोलने के लिए कुछ विशेष नियम हैं। हम आज उन्हीं नियमों और बच्चों के पीपीएफ अकाउंट के अन्य सभी पहलुओं के बारे में बता रहें है लेकिन इसके कुछ खास नियम हैं। हम आपको उन नियमों के बारे में बता रहे हैं।
एक भारतीय व्यक्ति अपने नाम पर एक ही पब्लिक प्रॉविडेंट फंड अकाउंट खुलवा सकता है। हालांकि आप अपने व्यक्तिगत पीपीएफ अकाउंट के अलावा अपने छोटे बच्चे के नाम पर पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते है। बच्चो के नाम पर पीपीएफ अकाउंट खोलने के लिए लिमिटेशन यह है कि पैरेंट्स केवल अपने एक ही बच्चे के नाम पर PPF खाता खोल सकते हैं। अगर किसी के दो या तीन संतानें है तो उसे अपने दो बच्चों के भविष्य के लिए किसी दूसरे विकल्प में निवेश करना होगा। नियम के अनुसार, अगर अभिभावक के दो बच्चे हैं तो एक नाबालिग बच्चे का पीपीएफ खाता मां के साथ और दूसरे का पिता के साथ खुल सकता है।
नाबालिग बच्चों के प्रोविडेंट फंड अकाउंट के लिए भी वयस्कों की तरह एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपए की डिपॉजिट किया जा सकता है, न्यूनतम जमा राशि 500 रुपए है। नियम के अनुसार अगर माता और पिता का पीपीएफ अकाउंट है तो उनके खुद के प्रॉविडेंट फंड अकाउंट और बच्चे के पीपीएफ अकाउंट को मिलाकर भी अधिकतम डिपॉजिट की सीमा 1.5 लाख रुपए सालाना ही रहेगी।
जब आपका बच्चा 18 साल का हो जाए उसके बाद पीपीएफ खाता के स्टेटस को माइनर से मेजर करने के लिए एप्लीकेशन देना होगा। एकाउंड के मेजर में बदलने के बाद व्यस्क हो चुका बच्चा अपना अकाउंट खुद संभाल सकेगा। निर्देशों के मुताबिक विशेष परिस्थिति में पीपीएफ खाता के 5 साल पूरे होने के बाद इसे बंद कराया जा सकता है।
पीपीएफ फंड का निवेश अकाउंट 15 साल में मैच्योर होता है। माता-पिता चाहे तो 15 साल के बाद पूरा पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि, अगर आपको तुरन्त पैसों की जरूरत नहीं है तो पीपीएफ के समय अवधि को 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
मिलता है टैक्स छूट
पीपीएफ बचत योजना में किए गए पूरे निवेश पर व्यक्ति को टैक्स में छूट मिलती है। प्रॉविडेंट फंड योजना में इनवेस्ट पर मिलने वाले ब्याज और मूलधन पर भी किसी तरह का टैक्स लागू नहीं होता है। पीपीएफ निवेश पर मिलने वाले ब्याज प्रतिशत हर तिमाही में बदलता रहता है। पीपीएफ अकाउंट की सबसे अच्छी बात है कि यह किसी भी कोर्ट के आदेश या कर्ज या अन्य लायबिलिटी के कलेक्शन के समय जब्त नहीं किया जा सकता है।
पीपीएफ खाता किसी भी भारतीय डाकघर या राष्ट्रीयकृत बैंक के सभी शाखाओं में खोला जा सकता है। आप अपने या अपने बच्चे के नाम पर पीपीएफ अकाउंट खोल सकते है। पीपीएफ में अगर आप हर महिने 1 हजार रुपए का निवेश करते हैं तो आपको 15 साल के बाद जब यह पूरा होगा तो आपको 3 लाख 18 हजार रुपए मिलेंगे।
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