PPF Investment: सेविंग के लिए सरकार की तरफ से कई बेहतरीन सेविंग स्कीम ऑफर की जा रही हैं. इसमें पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF भी शामिल हैं. PPF में निवेशकों की रकम सुरक्षित रहने के साथ दमदार रिटर्न मिल भी मिलता है, जोकि बैंक FD पर मिलने वाले ब्याज से लगभग ज्यादा ही होती है. अच्छी बात ये भी है कि निवेश की रकम पर गारंटीड रिटर्न मिलता है.

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एक और बात इस EEE कैटेगरी की स्‍कीम में एक फाइनेंशियल ईयर में 1.50 लाख रुपए तक ही जमा कर सकते हैं. इस पर मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर टैक्‍स बेनिफिट भी मिलता है. ऐसे में अगर PPF में मंथली 5000 रुपए का निवेश किया जाए तो मैच्योरिटी पर कितनी रकम मिलेगी? अगर मैच्योरिटी से पहले रकम निकासी का क्या नियम है? चलिए जानते हैं...

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PPF में होगी मोटी कमाई

निवेशकों ने लॉन्ग टर्म के लिए PPF को चुना. हर महीने अकाउंट में 5000 रुपए का निवेश किया. इस लिहाज से सालाना निवेश 60,000 रुपए का हुआ. इतना निवेश लगातार 15 सालों तक जारी रखने पर PPF खाते में कुल 9 लाख रुपए हो जमा हो जाएंगे. PPF में निवेश पर सालाना ब्याज से रिटर्न 7.1% है. इस लिहाज से 15 साल में निवेशकों को केवल ब्याज से 7,27,284 रुपए की कमाई होगी. कुल जमा को जब मैच्योरिटी पर निकाला जाएगा, जोकि कुल वैल्यू 16,27,284 रुपए हो जाएगी.

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मैच्योरिटी से पहले निकासी पर पैसा कटेगा?

अगर निवेशक PPF खाते में जमा राशि को प्री-मैच्योर अवधि में ही निकालता है तो उस पर चार्ज लगता है. इसके तहत कुल डिपॉजिट पर ब्याज का 1% काटकर रकम वापस दी जाती है. बता दें कि स्कीम में इनवेस्ट फंड पर टैक्स छूट भी मिलता है. इसके तहत एक फाइनेंशियल ईयर में निवेशकों को डेढ़ लाख रुपए तक की टैक्स छूट दी जाती है.

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प्री-मैच्योर क्लोजर से जुड़ा रूल

निवेशक अगर PPF अकाउंट को मैच्योरिटी से पहले बंद कराना चाहते हैं तो ये परमीशन 5 साल बाद मिल सकती है. प्री-क्लोजर के लिए निवेशक के पास ठोस वजह होनी चाहिए. सरकार स्कीम में 5 साल पूरा होने से पहले निवेशक केवल PPF loan ले सकते हैं यानी इस खाते को बंद नहीं करवा सकते. तो चलिए प्री-मैच्‍योर क्‍लोजर की क्या-क्या शर्तें हैं...

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  • निवेशक या जीवनसाथी को या आश्रित बच्‍चों को कोई जानलेवा बीमारी हो. इसके इलाज के लिए पैसों की जरूरत हो. ऐसी स्थिति में खातें को 15 साल से पहले बंद कराया जा सकता है.
  • खुद की हाई एजुकेशन या बच्‍चे के हायर एजुकेशन के लिए पैसों की जरूरत हो.
  • अकाउंटहोल्डर की निवासी स्थिति में परिवर्तन यानी NRI बन जाने के मामले में.
  • खाताधारक के निधन की स्थिति में भी मैच्‍योरिटी से पहले खाते को बंद कराया जा सकता है. इस स्थिति में 5 साल का नियम लागू नहीं होता है.

पब्लिक प्रॉविडेंड फंड क्या है?

PPF एक सरकारी स्कीम है, जिसमें निवेश पर सरकार की गारंटी होती है. यानी निवेशक बिना टेंशन के PPF में पैसा लगा सकता है. PPF खाते में जमा रकम 15 सालों में मेच्योर होता है. फिलहाल PPF में निवेश करने पर सालाना 7.1% की दर से ब्याज ऑफर किया जा रहा है. पब्लिक प्रॉविडेंड फंड में एक फाइनेंशियल ईयर में निवेशक डेढ़ लाख रुपए तक का निवेश कर सकता है.

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PPF में जमा राशि को अगर निवेशक प्री-मैच्योर अवधि में निकालता है तो कुल जमा पर ब्याज का 1% काटकर रकम वापस दी जाती है. खास बात ये है कि निवेश की रकम पर टैक्स छूट भी मिलता है. इसके तहत निवेशकों को एक फाइनेंशियल ईयर में 150000 रुपए तक की टैक्स छूट दी जाती है.