निवेश के लिए सरकार कई तरह की सेविंग स्कीम ऑफर कर रही है, जिसमें सामान्य बैंक FD से ज्यादा ब्याज मिलता है. साथ ही निवेश की रकम भी सुरक्षित होती है. नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर इन स्कीम के बारे में पता भी किया जा सकता है.

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पोस्ट ऑफिस में एक स्कीम है, जिसमें गारंटीज मंथली इनकम होती है. इसे पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Post Office MIS) कहते हैं. फिलहाल इस सरकारी स्कीम में सालाना 7.4% का ब्याज ऑफर किया जा रहा, जो हर महीने खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है. इस सेविंग स्कीम में निवेश पर TDS भी नहीं कटता. लेकिन जो ब्याज निवेशक के हाथ में आता है, वो टैक्सेबल होता है.

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Post Office MIS 2024 में कमाई का गणित

कुल निवेश: 9 लाख रुपए
मैच्योरिटी अवधि: 5 साल
सालाना ब्याज दर: 7.4%
ब्याज से कमाई: 3,33,000 रुपए
मंथली इनकम: 5,550 रुपए

Post Office स्कीम में मंथली कमाई पक्की

पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम में निवेशक अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपए तक ही डिपॉजिट कर सकता है. हालांकि, ज्वॉइंट अकाउंट में निवेश की सीमा बढ़ जाती है, जोकि 15 लाख रुपए तक हो जाती है. इस स्कीम में निवेशक कुल प्रिंसिपल अमाउंट को 5 साल की मेच्योरिटी पीरियड के बाद वापस ले सकते हैं, या फिर इसे आगे 5-5 साल के लिए बढ़ा भी सकते हैं.

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बता दें कि स्कीम में हर 5 साल बाद ऑप्‍शन मिलता है कि निवेशक अपना प्रिंसिपल अमाउंट निकला ले या फिर इसे जारी रखें. अकांउट पर मिलने वाले ब्‍याज का पेमेंट पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट में हर महीने किया जाता है.

Post Office MIS: प्री-मैच्‍योर क्‍लोजर रूल

अगर निवेशक को Post Office MIS यानी पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में निवेशित रकम को मैच्योरिटी से पहले निकलना है तो ये सुविधा निवेश के 1 साल के बाद ही मिलती है. प्री-मैच्‍योर क्‍लोजर की स्थिति में निवेशकों पेनल्‍टी देनी होती है. पेनाल्टी के तहत 1 से 3 साल की अवधि में रकम निकासी पर डिपॉजिट अमाउंट का 2% काटकर निवेश की रकम को वापस किया जाता है.