भारत की दो सबसे लोकप्रिय सरकारी बीमा योजनाओं को सेवा में 10 साल पूरे होने वाले हैं। इस खास मौके पर केंद्र सरकार करोड़ों लोगों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने पुष्टि की है कि PMJJBY और PMSBY के तहत मिलने वाले बीमा कवर को मौजूदा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब बैंक मई के अंत में करोड़ों ग्राहकों के खातों से प्रीमियम के पैसे काटने (ऑटो-डेबिट) की तैयारी कर रहे हैं।
अभी क्या हैं PMJJBY और PMSBY के नियम?
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) 18 से 50 साल के आयु वर्ग के लोगों को किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु पर लाइफ इंश्योरेंस कवर देती है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) 18 से 70 साल के लोगों को दुर्घटना में मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में कवर प्रदान करती है। फिलहाल PMJJBY में 436 रुपये के सालाना प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का कवर मिलता है, जबकि PMSBY में महज 20 रुपये सालाना के प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का एक्सीडेंटल कवर मिलता है। ये दोनों योजनाएं देश के असंगठित क्षेत्र के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करती हैं।
10 साल का सफर: करोड़ों लोगों को मिला सहारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को इन तीन प्रमुख जन सुरक्षा योजनाओं की शुरुआत की थी। इनका विजन गरीबों और वंचितों को किफायती बीमा और पेंशन का लाभ देकर उन्हें सुरक्षित करना था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, अप्रैल 2025 तक PMJJBY में 23.6 करोड़ और PMSBY में 51 करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। PMJJBY के तहत अब तक 9 लाख से ज्यादा परिवारों को 18,398 करोड़ रुपये के क्लेम दिए जा चुके हैं, जबकि PMSBY में 1.57 लाख से अधिक परिवारों को 3,121 करोड़ रुपये के क्लेम का भुगतान किया गया है।
5 लाख का कवर और प्रीमियम पर इसका असर
सरकार अब इस प्रस्ताव पर बीमा कंपनियों के साथ चर्चा कर रही है। हाल ही में बीमा कंपनियों को एक पेपर भेजा गया था, जिसमें बीमा राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने के परिणामों पर राय मांगी गई थी। DFS सचिव ने इस पर कहा, "हम प्रीमियम की लागत और अन्य खर्चों का हिसाब लगा रहे हैं। हमारे पास आंकड़े मौजूद हैं, लेकिन अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जैसे ही प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी, हम पूरी जानकारी साझा करेंगे।"
प्रस्ताव के मुताबिक, बीमा कवर बढ़ने के बाद ग्राहकों के पास विकल्प होगा। वे चाहें तो बढ़ा हुआ प्रीमियम देकर 5 लाख रुपये का कवर ले सकेंगे या फिर मौजूदा 2 लाख रुपये वाले कवर (PMSBY के लिए 20 रुपये और PMJJBY के लिए 436 रुपये सालाना) को ही जारी रख सकेंगे। इस लचीलेपन की वजह से ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।
मई के अंत में कटेगा पैसा: ग्राहकों के लिए जरूरी काम
PMJJBY का रिन्यूअल पीरियड हर साल 1 जून से 31 मई तक होता है। इसके लिए 436 रुपये का सालाना प्रीमियम 31 मई से पहले आपके बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते से अपने आप (ऑटो-डेबिट) कट जाता है। अगर खाते में पर्याप्त बैलेंस है, तो रिन्यूअल ऑटोमैटिक हो जाता है। इसी तरह PMSBY का प्रीमियम भी 1 जून को या उससे पहले खाते से काट लिया जाता है। इसका मतलब है कि करोड़ों ग्राहकों को अभी से अपने खाते में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित कर लेना चाहिए।
अगर प्रीमियम कटने की तारीख पर खाते में बैलेंस कम हुआ, तो आपकी पॉलिसी बिना किसी सूचना के रद्द (Lapse) हो सकती है और आप बीमा सुरक्षा से वंचित रह सकते हैं। हालांकि, बकाया प्रीमियम भरकर पॉलिसी को दोबारा शुरू करने की सुविधा है, लेकिन इसके लिए स्वास्थ्य संबंधी घोषणा या अन्य शर्तें पूरी करनी पड़ सकती हैं। इसलिए पॉलिसीधारक इस जोखिम को हल्के में न लें।
PMJJBY बनाम PMSBY: मुख्य अंतर एक नजर में
| फीचर | PMJJBY | PMSBY |
|---|---|---|
| कवर का प्रकार | जीवन बीमा (किसी भी कारण से मृत्यु) | दुर्घटना मृत्यु और विकलांगता |
| मौजूदा कवर | 2 लाख रुपये | 2 लाख रुपये (आंशिक विकलांगता पर 1 लाख) |
| सालाना प्रीमियम | 436 रुपये | 20 रुपये |
| उम्र सीमा | 18 से 50 साल | 18 से 70 साल |
| प्रस्तावित कवर | 5 लाख रुपये | 5 लाख रुपये |
2047 तक सबको बीमा: सरकार का बड़ा लक्ष्य
बीमा कवर बढ़ाने का यह कदम सरकार के "2047 तक सबके लिए बीमा" लक्ष्य का हिस्सा है। भारत में बीमा की पहुंच (GDP के मुकाबले प्रीमियम का प्रतिशत) फिलहाल 4% है, जो वैश्विक औसत 6.8% से काफी कम है। जन धन खातों और ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क की वजह से इन योजनाओं को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ऐसे में 5 लाख रुपये का कवर इस अंतर को पाटने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
आम भारतीय परिवारों के लिए इस घोषणा का समय बहुत महत्वपूर्ण है। अप्रैल 2025 तक PMSBY से जुड़ी 23.87 करोड़ महिलाएं और 17.12 करोड़ जन धन खाताधारक इस बदलाव का हिस्सा बन चुके हैं। अगर 5 लाख रुपये के इस प्रस्ताव को रिन्यूअल साइकिल के आसपास मंजूरी मिलती है, तो इसका सीधा असर करोड़ों भारतीयों की आर्थिक सुरक्षा और क्लेम मिलने वाली राशि पर पड़ेगा।
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