भारत की तीन बड़ी सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स—प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY)—ने इस हफ्ते अपने 11 साल पूरे कर लिए हैं। 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इन योजनाओं का मकसद देश के आम नागरिकों को बीमा और पेंशन के दायरे में लाना है। इस खास मौके पर एक जरूरी अलर्ट भी है: देशभर के बैंकों ने मई महीने के लिए ऑटो-डेबिट (पैसे कटना) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में सब्सक्राइबर्स के लिए 1 जून से पहले जरूरी कदम उठाना बेहद जरूरी है ताकि उनकी पॉलिसी चलती रहे।

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PMJJBY और PMSBY रिन्यूअल: क्यों मई का महीना है सबसे अहम?

PMJJBY और PMSBY का रिन्यूअल आमतौर पर बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते से ऑटो-डेबिट के जरिए होता है। इनका कवरेज पीरियड 1 जून से 31 मई तक रहता है और प्रीमियम की रकम अक्सर 31 मई से पहले ही काट ली जाती है। करोड़ों पॉलिसीधारकों के लिए मई का आखिरी हफ्ता 'करो या मरो' जैसा है। अगर खाते में बैलेंस कम होने की वजह से ऑटो-डेबिट फेल हो गया, तो आपका बीमा कवर सस्पेंड हो जाएगा। हालांकि बाद में पेमेंट करके इसे दोबारा शुरू किया जा सकता है, लेकिन एक छोटी सी चूक आपकी फाइनेंशियल सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।

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PMJJBY रिन्यूअल: रोजाना 2 रुपये से भी कम में लाइफ कवर

PMJJBY के तहत हर साल 1 जून से 31 मई तक लाइफ इंश्योरेंस कवर मिलता है। इसके लिए 436 रुपये का सालाना प्रीमियम 31 मई से पहले आपके लिंक किए गए बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते से काट लिया जाता है। अगर समय पर प्रीमियम नहीं भरा गया (अक्सर खाते में बैलेंस न होने की वजह से), तो बीमा खत्म हो जाता है। एक बार पॉलिसी बंद होने पर कवरेज तुरंत रुक जाता है और सब्सक्राइबर्स को दोबारा फायदा पाने के लिए फिर से एनरोल करना पड़ता है, जिसमें नया वेटिंग पीरियड (lien period) भी शामिल होता है।

PMSBY: सिर्फ 20 रुपये सालाना में 2 लाख का एक्सीडेंट कवर

PMSBY योजना 18 से 70 साल के लोगों को सिर्फ 20 रुपये सालाना प्रीमियम पर एक्सीडेंटल डेथ और डिसेबिलिटी कवर देती है। इसमें हादसे में मौत या पूरी तरह विकलांग होने पर 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये मिलते हैं। इतनी कम कीमत के बावजूद, इसका फायदा तभी मिलेगा जब 31 मई तक आपके खाते से पैसे कट जाएं। सब्सक्राइबर्स को यह चेक कर लेना चाहिए कि उनका ई-मैंडेट (e-mandate) एक्टिव है और खाते में पर्याप्त बैलेंस है।

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अटल पेंशन योजना: इस महीने अपना ऑटो-डेबिट और नॉमिनी जरूर चेक करें

APY में योगदान आपके बैंक खाते से महीने, तिमाही या छमाही आधार पर ऑटो-डेबिट होता है। सब्सक्राइबर्स साल में एक बार अपनी पेंशन राशि को घटा या बढ़ा सकते हैं। APY खाते में नॉमिनी की जानकारी देना अनिवार्य है। अगर आप अविवाहित हैं, तो किसी को भी नॉमिनी बना सकते हैं, लेकिन शादी के बाद जीवनसाथी (spouse) का नाम देना जरूरी है। शादीशुदा लोगों के मामले में जीवनसाथी ही डिफॉल्ट नॉमिनी होता है। नॉमिनी की जानकारी अपडेट न होने पर बाद में क्लेम लेने में परिवार को काफी दिक्कत आ सकती है।

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11 साल का सफर: जन सुरक्षा योजनाओं का आंकड़ा है हैरान करने वाला

जन सुरक्षा योजनाओं का दायरा पिछले 11 सालों में काफी बढ़ा है। 30 अप्रैल तक के आंकड़ों के मुताबिक, PMJJBY में 27.43 करोड़, PMSBY में 58.09 करोड़ और APY में 9.04 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। कुल मिलाकर 94.5 करोड़ एनरोलमेंट हुए हैं और अब तक जरूरतमंद परिवारों को 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के क्लेम बांटे जा चुके हैं।

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योजनाकवरसालाना प्रीमियमकुल एनरोलमेंट (अप्रैल 2024 तक)सेटल किए गए क्लेम
PMJJBY2 लाख रुपये (किसी भी कारण से मौत पर)436 रुपये27.43 करोड़+10.7 लाख परिवारों को 21,500 करोड़+ रुपये
PMSBY2 लाख रुपये (एक्सीडेंटल डेथ/डिसेबिलिटी)20 रुपये58.09 करोड़+1.84 लाख परिवारों को 3,660 करोड़+ रुपये
APY60 साल के बाद 1,000–5,000 रुपये/महीना पेंशनउम्र के हिसाब से अलग-अलग9.04 करोड़+पेंशन वितरण जारी है

सालगिरह पर सरकार और मंत्रियों ने क्या कहा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मौके पर खुशी जताते हुए कहा, "जन सुरक्षा योजनाओं के 11 साल पूरे होने पर मैं बैंक और बीमा कंपनियों के उन सभी कर्मचारियों की सराहना करती हूं, जिनकी मेहनत से ये योजनाएं सफल हुई हैं।" वहीं, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, "इन योजनाओं का लक्ष्य गरीबों को बीमा और पेंशन की सुविधा देना है। हमने एनरोलमेंट और क्लेम की प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाया है। अब लोग जन सुरक्षा पोर्टल के जरिए घर बैठे एनरोल कर सकते हैं और डिजिटल क्लेम प्रोसेस से परिवारों को समय पर मदद मिल रही है।"

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हर सब्सक्राइबर को अभी करने चाहिए ये 3 काम

पॉलिसी रिन्यूअल से पहले सब्सक्राइबर्स को तीन काम तुरंत करने चाहिए। पहला, बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें ताकि ऑटो-डेबिट फेल न हो, क्योंकि बैलेंस न होने पर पॉलिसी लैप्स हो सकती है। दूसरा, बैंक में जाकर चेक करें कि आपका ई-मैंडेट एक्टिव है या नहीं। तीसरा, तीनों योजनाओं में नॉमिनी की जानकारी सही और अपडेटेड रखें। APY के लिए आधार और मोबाइल नंबर लिंक करना भी जरूरी है ताकि आपको एसएमएस के जरिए रेगुलर अपडेट मिलते रहें।

11 सालों के सफर ने साबित कर दिया है कि भारत में कम प्रीमियम वाली सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स बड़े पैमाने पर सफल हो सकती हैं। लेकिन इनका फायदा तभी है जब आपका कवरेज बिना रुके चलता रहे। जन सुरक्षा योजनाओं की सबसे बड़ी खूबी इनका कम प्रीमियम, कम कागजी कार्रवाई और आसान बैंक-लिंक्ड प्रोसेस है। बस आपको इतना ध्यान रखना है कि 1 जून से पहले आपका खाता अपडेटेड और फंडेड रहे।