24-25 जुलाई से PMAY 2.0 को लेकर चर्चा काफी तेज है और पहली बार घर खरीदने वाले लोग इसके नियमों को बारीकी से समझना चाहते हैं। नई ब्याज सब्सिडी योजना के तहत, 8 लाख रुपये तक के लोन पर 4% की सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 12 साल के लिए मान्य होगी। इसकी कुल वैल्यू (NPV) 1.80 लाख रुपये तक सीमित रखी गई है। यह स्कीम EWS, LIG और 9 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले MIG परिवारों के लिए है। इसमें घर की कीमत 35 लाख रुपये और लोन की राशि 25 लाख रुपये तक होनी चाहिए।
सब्सिडी की रकम सेंट्रल नोडल एजेंसियों के जरिए हर महीने क्रेडिट की जाएगी, लेकिन इसे मूलधन (principal) के साथ पांच सालाना किस्तों में एडजस्ट किया जाएगा। जैसे-जैसे ये किस्तें जमा होंगी, आपकी EMI का बोझ कम होता जाएगा। एक बात का ध्यान रखें, अगर आप समय से पहले लोन चुकाते हैं और बकाया राशि 50% से कम रह जाती है, तो बाद की किस्तें मिलना बंद हो जाएंगी। फ्लोटिंग रेट वाले लोन पर इंडिविजुअल्स को कोई प्री-पेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज नहीं देना होता। अगर आप अपना बैंक बदल रहे हैं, तो यह जरूर चेक कर लें कि नया लेंडर इस स्कीम के तहत रजिस्टर्ड है या नहीं।
PMAY 2.0: EMI का गणित— फिक्स्ड, फ्लोटिंग और हाइब्रिड में क्या है बेहतर?
मान लीजिए कि आप 9% की ब्याज दर पर 20 साल के लिए लोन लेते हैं। ऐसी स्थिति में बेस EMI करीब 900 रुपये प्रति लाख होगी। सब्सिडी के कारण आपकी EMI पांच चरणों में कम होगी—हर किस्त पर करीब 324 रुपये की बचत होगी, जो पांच साल बाद कुल 1,620 रुपये तक पहुंच जाएगी। फिक्स्ड रेट में आपको सुरक्षा तो मिलती है लेकिन शुरुआत में यह महंगा पड़ता है। वहीं, फ्लोटिंग रेट में भविष्य में ब्याज दरें घटने का फायदा मिल सकता है। हाइब्रिड लोन में दरें दो-तीन साल के लिए लॉक रहती हैं और फिर फ्लोटिंग हो जाती हैं।
| ऋण राशि | 20 वर्ष EMI @9% (लगभग) | PMAY 2.0 सब्सिडी के बाद अनुमानित EMI (पांच किस्तों के बाद) |
|---|---|---|
| ₹20 लाख | ₹18,000 | ₹16,380 |
| ₹25 लाख | ₹22,500 | ₹20,880 |
| ₹35 लाख | ₹31,500 | ₹29,880 |
फिक्स्ड बनाम फ्लोटिंग बनाम हाइब्रिड होम लोन— कहां होगी सबसे ज्यादा बचत?
RBI की अगली पॉलिसी समीक्षा 3-5 अगस्त, 2026 को होनी है, जबकि जून में रेपो रेट 5.25% पर स्थिर था। अगर ब्याज दरें स्थिर रहती हैं या कम होती हैं, तो PMAY 2.0 के ग्राहकों के लिए फ्लोटिंग या हाइब्रिड लोन आमतौर पर ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं, क्योंकि सब्सिडी की वजह से EMI पहले ही कम हो रही होती है। हालांकि, जो लोग जोखिम नहीं लेना चाहते और जिनका बजट बहुत टाइट है, वे अब भी फिक्स्ड रेट को प्राथमिकता दे सकते हैं।
| इंस्ट्रूमेंट | वर्तमान सांकेतिक ब्याज दरें |
|---|---|
| होम लोन (फ्लोटिंग) उदाहरण के लिए | 9.0% (EMI कैलकुलेशन के लिए माना गया) |
| प्रमुख बैंकों की FD, 1–5 साल | करीब 6.45%–6.90% |
| चुनिंदा लेंडर्स के टॉप FD स्लैब | 8.10% तक |
अपनी फाइल फटाफट तैयार कर लें: आधार कार्ड, इनकम प्रूफ, घर न होने का डिक्लेरेशन और प्रॉपर्टी के क्लियर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें। पात्र प्रोजेक्ट्स और लोन के लिए सब्सिडी क्रेडिट होने पर SMS के जरिए नोटिफिकेशन मिलेगा, जिसमें पांच सालाना प्रिंसिपल सेट-ऑफ की जानकारी होगी। अगर आपकी प्रॉपर्टी 35 लाख और लोन 25 लाख रुपये की सीमा के भीतर है, तो अगस्त की समीक्षा से पहले आवेदन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
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