Pradhan Mantri Shramyogi Mandhan Yojana : प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम मानधन) एक सरकारी योजना है, जो असंगठित श्रमिकों (यूडब्ल्यू) की वृद्धावस्था सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए है। असंगठित श्रमिक वे होते हैं जो किसी कंपनी में नहीं बल्कि असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। असंगठित श्रमिक ज्यादातर घर पर काम करने वाले, स्ट्रीट वेंडर, मिड-डे मील वर्कर, हेड लोडर, ईंट भट्ठा मजदूर, मोची, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, रिक्शा चालक और भूमिहीन मजदूर होते हैं। साथ ही कृषि श्रमिक, निर्माण श्रमिक, बीड़ी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, चमड़ा श्रमिक, दृश्य-श्रव्य श्रमिक या इसी तरह के अन्य व्यवसायों में काम करने वाले श्रमिक भी इसी श्रेणी में आते हैं। देश में ऐसे करीब 42 करोड़ असंगठित कामगार हैं। इनके लिए मोदी सरकार ने एक शानदार स्कीम पेश की थी। जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।
कितनी मिलती है पेंशन
यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। यानी कोई चाहे तो निवेश कर सकता है। अंशदायी का मतलब है कि आपको इसमें पैसा जमा करना होता है। इसके तहत लाभार्थी की 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन प्राप्त होगी। यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो लाभार्थी की पत्नी या पति 50% पेंशन प्राप्त करने का हकदार होगा, जो कि फैमिली पेंशन के रूप में मिलेगी। पारिवारिक पेंशन केवल पति या पत्नी पर लागू होती है।
कितना करना होता है निवेश
18 से 40 वर्ष के आयु वर्ग के आवेदकों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक प्रति माह 55 रुपये से 200 रुपये के बीच मासिक योगदान देना होगा। ये योगदान राशि दो चीजों पर निर्भर है। एक तो लाभार्थि की आयु और दूसरा वे कितनी पेंशन चाहता है। यह योजना असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को समर्पति है जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 50 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
बेहद काम आ सकती है पेंशन
योजना की मैच्योरिटी पर, एक व्यक्ति 3000 रुपये की मासिक पेंशन प्राप्त करने का हकदार होगा। ये पेंशन राशि पेंशनधारकों को उनकी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करती है। एक बार जब आवेदक 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेता है, तो वह पेंशन राशि के लिए क्लेम कर सकता है। प्रत्येक माह एक निश्चित पेंशन राशि संबंधित व्यक्ति के पेंशन खाते में जमा की जाती है।
जानिए जरूरी नियम
आदेदन करने वाला असंगठित कामगार (यूडब्ल्यू) का होना चाहिए। उसकी आयु (प्रवेश के समय) 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं उसकी मासिक आय 15000 रुपये या उससे कम कम होनी चाहिए। उसे किसी संगठित क्षेत्र में कार्यरत (ईपीएफओ / एनपीएस / ईएसआईसी का सदस्य) नहीं होना चाहिए। न हो वो एक करदाता हो। लाभार्थी को आवेदन के लिए आधार कार्ड और आईएफएससी के साथ बचत बैंक खाता / जन धन खाता नंबर होना चाहिए।
ऐसे करें अप्लाई
आप करीबी सीएससी सेंटर पर जाकर इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपके पास आधार, सेंविंग या जनधन खाता, बैंक पासबुक या चेक, बैंक स्टेटमेंट की कॉपी सहित आईएफएससी कोड होना चाहिए। शुरुआती योगदान राशि नकद में विलेज लेवल एंट्रोप्रिनियर (वीएलई) को दी जाएगी।
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