पैसा ऐसा चीज है जिसकी जरूरत हमेशा बनी रहती है लेकिन कई बार इमरजेंसी में जरूरत पड़ जाती है। इसलिए समय के अनुसार हमेशा एक इमरजेंसी फंड तैयार करके रखना चाहिए। हालांकि, ऐसे समय में लोगों के पास सिर्फ और सिर्फ पर्सनल लोन लेने का ही विकल्प बचता है। आपको पता होना चाहिए बैंक कई तरह के लोन उपलब्ध करवाता है उसी में से एक पर्सनल लोन भी है।
पर्सनल लोन बैंक लोगों की खुद की जरूरतों को पूरा करने के लिए देता है। पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है और इसमें किसी तरह की सिक्योरिटी भी नहीं देनी पड़ती। लेकिन इसी वजह से कई लोग जल्दबाजी में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे आगे चलकर आर्थिक परेशानी बढ़ जाती है। इसलिए पर्सनल लोन लेने से पहले कुछ जरूरी बातें जानना बहुत अहम है।
जरूरत से ज्यादा रकम का लोन लेना
पर्सनल लोन का सबसे आम जोखिम यह है कि लोग अपनी जरूरत से काफी ज्यादा राशि ले लेते हैं। उन्हें लगता है कि EMI तो हर महीने भरनी है, इसलिए थोड़ा ज्यादा ले लेने में कोई नुकसान नहीं। लेकिन पर्सनल लोन पर ब्याज दर पहले से ही ज्यादा होती है। जितना बड़ा लोन, उतनी ही ज्यादा EMI और उतना ही ज्यादा ब्याज। इससे आने वाले महीनों में आपके बजट पर भारी दबाव पड़ सकता है और कर्ज का बोझ बढ़ जाता है। हमेशा उतना ही लोन लें जितना जरूरी हो।
गैर-जरूरी खर्चों के लिए लोन लेना
आजकल कई लोग घूमने, शॉपिंग, या महंगे मोबाइल-लैपटॉप खरीदने जैसी चीजों के लिए भी पर्सनल लोन ले लेते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि यह लोन केवल जरूरी और जरूरी खर्चों के लिए बनाया गया है। गैर-जरूरी खर्चों पर लोन का इस्तेमाल करने से आपका बजट गड़बड़ा जाता है और EMI का बोझ लंबे समय तक साथ रह जाता है।
EMI का सही कैलकुलेशन न करना
लोन लेते समय EMI का सही अनुमान लगाना बेहद जरूरी है। कई बार EMI आपकी मासिक इंकम के मुकाबले ज्यादा निकल आती है, जिससे बाकी खर्चों को संभालना मुश्किल हो जाता है। अगर EMI आपके बजट में फिट नहीं हो रही है, तो लोन अवधि बढ़ाकर EMI कम की जा सकती है लेकिन यह प्लानिंग पहले ही कर लेनी चाहिए। किसी भी महीने EMI न भर पाने से आपका सिबिल स्कोर खराब हो सकता है, जिससे आगे आने वाले लोन मुश्किल हो जाएंगे।
प्रीपेमेंट का फायदा न उठाना
अगर आपके पास अचानक एक साथ पैसा आता है जैसे बोनस, इंसेंटिव या सेविंग्स तो लोन का कुछ हिस्सा प्रीपेमेंट करके ब्याज में बड़ी बचत की जा सकती है। कई लोग प्रीपेमेंट चार्ज सुनकर यह गलती कर देते हैं कि वे प्रीपेमेंट नहीं करते जबकि लंबे समय में ब्याज की बचत इससे ज्यादा होती है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान