Pay 0 Tax on Rs 17.9 lakh income: अगर आपकी सालाना सैलरी करीब 17.9 लाख रुपए है, तो आमतौर पर इतना ज्यादा वेतन टैक्स का बोझ भी बढ़ा देता है। लेकिन कुछ स्मार्ट टैक्स प्लानिंग करके आप अपनी टैक्स देनदारी को पूरी तरह से खत्म कर सकते हैं। आइए समझते हैं कि कैसे आप नई टैक्स व्यवस्था में जीरो टैक्स तक पहुंच सकते हैं।

Advertisement

नई टैक्स व्यवस्था में टैक्स स्लैब

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नई टैक्स व्यवस्था में टैक्स की कैलकुलेशन इस तरह होती है:

Advertisement

0 से ₹4 लाख तक - कोई टैक्स नहीं

₹4 लाख से ₹8 लाख - 5%

₹8 लाख से ₹12 लाख - 10%

₹12 लाख से ₹16 लाख - 15%

₹16 लाख से ₹20 लाख - 20%

₹17.9 लाख पर कुल टैक्स बनता है ₹1.64 लाख (सरचार्ज मिलाकर)। लेकिन इसे आप पूरी तरह बचा सकते हैं।

स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा

नई टैक्स व्यवस्था में 75,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन हर सैलरीड व्यक्ति को मिलता है। इससे इनकम घटकर 17.15 लाख रुपए रह जाती है।

Advertisement

NPS में कंपनी की हिस्सेदारी से टैक्स बचत

आपकी बेसिक सैलरी का 14% तक कंपनी की ओर से NPS में योगदान टैक्स फ्री होता है। मान लें कि बेसिक सैलरी 8.95 लाख रुपए है, तो आप 1.25 लाख रुपए तक की छूट पा सकते हैं।

EPF से भी टैक्स छूट

बेसिक सैलरी का 12% तक कंपनी के योगदान पर छूट मिलती है। इसका मतलब लगभग 1.07 लाख रुपए की अतिरिक्त टैक्स छूट मिल सकती है।

Advertisement

PPF और सुकन्या समृद्धि की ब्याज पर छूट

अगर आपने PPF या सुकन्या अकाउंट में निवेश किया है, तो लगभग 17,500 रुपए तक की ब्याज छूट मिल सकती है।

पोस्ट ऑफिस बचत योजनाएं

पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम की ब्याज पर 3,500 रुपए तक की टैक्स छूट भी ली जा सकती है।

ऑफिस खर्चों पर रिइंबर्समेंट से टैक्स बचत

अगर आपके वेतन में मोबाइल बिल, यूनिफॉर्म, एंटरटेनमेंट, ट्रांसपोर्ट आदि के 1.25 लाख रुपए तक के खर्च रिइंबर्स हो रहे हैं, तो यह रकम टैक्स से बचाई जा सकती है।

Advertisement

परिवार पेंशन वालों को अतिरिक्त छूट

अगर किसी को पारिवारिक पेंशन मिल रही है, तो 25,000 रुपए तक या 1/3 हिस्सा (जो भी कम हो) टैक्स से मुक्त होता है।

और भी हैं छूट के रास्ते

अग्निपथ योजना में योगदान पूरी तरह टैक्स फ्री

किराये की प्रॉपर्टी पर 30% तक टैक्स छूट

दूसरी खाली प्रॉपर्टी पर डीड रेंट का टैक्स नहीं

बीमा पॉलिसी की राशि पर छूट (Section 10(10D))

Advertisement

ग्रेच्युटी पर ₹25 लाख तक की छूट

अगर आप सही तरीके से टैक्स प्लानिंग करें और सभी उपलब्ध छूटों का सही इस्तेमाल करें, तो 17.9 लाख रुपए तक की सैलरी पर टैक्स पूरी तरह शून्य किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप हर विकल्प को समझें और समय रहते उसका फायदा उठाएं।