नई दिल्‍ली: सरकार ने गांव में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। डाकघर ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग को स्मॉल सेविंग्स स्कीम में पैसा जमा करने के लिए किसी भी शहर के डाकघर में जाने की जरूरत नहीं।

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गांव में ही मिलेंगी ये सभी सुविधाएं
अब ग्रामीण इलाकों में डाक विभाग के सभी शाखा कार्यालयों में डाकघर बचत योजनाओं के लिए खाता खुलवाया जा सकेगा। यानी अब गांव के पोस्ट ऑफिस के जरिए भी पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), किसान विकास पत्र (केवीपी), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी), मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) जैसी स्कीम्स में निवेश किया जा सकेगा। बता दें कि अभी तक इन स्कीम्स के तहत अकाउंट पोस्ट ऑफिस की शहरी शाखाओं में ही खुलवाया जा सकता था। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने ट्वीट कर के दी है।

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अभी अभी ग्रामीण डाकघर में म‍िलती ये सुविधाएं

एक आधिकारिक बयान में मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशंस ने कहा है कि डाक विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपने नेटवर्क व पोस्टल ऑपरेशंस मजबूत करने के लिए और गांवों में छोटी बचत योजनाओं की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी छोटी बचत योजनाओं को ब्रांच पोस्ट ऑफिस लेवल तक विस्तारित कर दिया है। मंत्रालय के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में 131113 ब्रांच पोस्ट ऑफिस कामकाजी हैं। अभी ये ब्रांच ऑफिस चिट्ठी, स्पीड पोस्ट, पार्सल, इलेक्ट्रॉनिक मनी ट्रांसफर, रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, टाइम डिपॉजिट और सुकन्या समृद्धि अकाउंट स्कीम्स की सुविधाएं देते हैं।

जानि‍ए पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स और उन पर मिलने वाला ब्याज दर

स्कीम ब्याज दर(%)
1-3 साल की एफडी 5.5
5 साल की एफडी 6.7
आरडी (5 साल) 5.8
सीनियर सिटीजन स्कीम (5 साल) 7.4
मंथली इनकम अकाउंट (एमआईए) 6.6
राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) 6.8
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) 7.1
किसान विकास पत्र 6.9
सुकन्या समृद्धि 7.6
सेविंग्स अकाउंट 4.0

ग्रामीण भारत को सशक्त बनाना

नए आदेश के मुताबिक, अब ब्रांच पोस्ट ऑफिस पीपीएफ, मंथली इनकम स्कीम, एनएससी, किसान विकास पत्र और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम की सुविधा भी उपलब्ध करा सकते हैं। इस फैसले से गांवों में रहने वाले लोगों को भी शहरी लोगों की ही भांति पोस्ट ऑफिस की सभी बचत योजनाओं का फायदा मिलेगा। मंत्रालय का कहना है कि यह डाक विभाग का ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का एक अन्य कदम है। बता दें कि सरकार की ओर से हर तीन महीने पर छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है। 1 जुलाई से 30 सितंबर 2020 तक अलग-अलग छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें पिछली तिमाही के समान हैं।