नई दिल्ली, अप्रैल 20। आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी कि बूंद-बूंद से समुद्र बनता है। इसी तरह आप थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करके एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। जी हां, अगर आप सही जगह निवेश करें तो कुछ सालों में ही डेली 50-50 रु जमा करके 50 लाख रु का फंड तैयार कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल आप घर या कार खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या शादी या अपने रिटायरमेंट के लिए कर सकते हैं। थोड़े-थोड़े पैसे से बड़ा फंड तैयार करने के लिए जरूरी चीज है कि आप सही जगह पैसा निवेश करें। इसके लिए म्यूचुअल फंड एक बढ़िया ऑप्शन है।
इस मामले पर जानकार कहते हैं कि आपको वहां निवेश करना चाहिए, जहां बढ़िया रिटर्न मिले। इसके लिए म्यूचुअल फंड एक दम सही है। एफडी या पोस्ट ऑफिस की किसी स्कीम में अगर आप निवेश करें तो आपको 7-8 फीसदी से अधिक रिटर्न नहीं मिलेगा। मगर म्यूचुअल फंड में आपको सालाना 12-15 फीसदी रिटर्न आसानी से मिल सकता है। इसलिए यही वो ऑप्शन है जो आपको एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद कर सकता है।
आपको 50 लाख रु का फंड तैयार करने के लिए एसआईपी के जरिए निवेश करना होगा। एसआईपी में आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश कर सकते हैं। फ्रेंकलिन टेम्पलटन ऑफ इंडिया वेबसाइट पर एक कैलकुलेटर दिया गया है। इस कैलकुलेटर के अनुसार अगर कोई किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में हर महीने सिर्फ 1000 रु का ही निवेश करे तो 20 साल बाद उसके पास 20 लाख रु का फंड तैयार हो जाएगा। यहां 12 फीसदी अनुमानित रिटर्न माना गया है।
अगर आप हर महीने 500 रु का निवेश करें तो 20 सालों में आपके पास करीब 5 लाख रु का फंड तैयार हो जाएगा। अगर आप 30 साल तक हर महीने 500-500 रु जमा करें तो आपके पास 17.5 लाख रु से ज्यादा का फंड तैयार हो जाएगा। असल में जितने लंबे समय तक आप निवेश करेंगे, उतने समय तक आपको कम्पाउंडिंग का फायदा मिलेगा।
अगर आप 50 लाख रु का फंड तैयार करना चाहते हैं तो हर महीने सिर्फ 1500 रु का निवेश काफी होगा। 1500 रु प्रति महीने का निवेश यानी रोज 50 रु की बचत। कैलकुलेटर के हिसाब से 12 फीसदी अनुमानित रिटर्न के अनुसार यदि आप हर महीने 1500-1500 रु जमा करते रहें तो 30 साल बाद आपके पास लगभग 53 लाख रु का फंड तैयार हो जाएगा।
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जैसे कि आपका निवेश रुकना नहीं चाहिए। आपकों निरंतर निवेश करना है। दूसरी बात अगर आपका इरादा एक से अधिक एसआईपी में निवेश का है तो एक ही फंड हाउस की स्कीमों में निवेश न करें। बल्कि अलग-अलग फंड हाउसों की स्कीमों में निवेश करें। इक्विटी म्यूचुअल फंड में आया हुआ पैसा शेयर बाजार में निवेश किया जाता है। इसी पर किसी स्कीम का रिटर्न आधारित होता है।
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