नयी दिल्ली। हाल ही में केनरा बैंक ने एफडी पर ब्याज दरों में इजाफा किया है। इससे बैंक में एक साल की एफडी पर निवेशकों को 0.05 फीसदी ज्यादा 5.20 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा। बैंक ने 2 साल की एफडी पर एक साल से ज्यादा ब्याज दर बढ़ाई है। मगर एक ऐसा ऑप्शन है, जहां एफडी के 5-5.50 फीसदी के मुकाबले कई गुना तक रिटर्न मिला है। ये है म्यूचुअल फंड। जानकार भी म्यूचुअल फंड को ज्यादा पसंद करते हैं। असल में शेयर बाजार काफी ऊंचाई पर है। इसलिए म्यूचुअल फंड भी काफी धमाकेदार रिटर्न दे रहे हैं। आइए जानते हैं उस म्यूचुअल फंड की स्कीम के बारे में, जिसने तीन महीनों में एफडी से कई गुना कमाई कराई है।
केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड की एक स्कीम है केनरा रोबेको इन्फ्रास्ट्रक्चर रेगुलर प्लान। इस स्कीम ने पिछले तीन महीनों में करीब 34.76 फीसदी का रिटर्न दिया है। अब इसकी तुलना केनरा बैंक की एक साल की एफडी से करें तो इस म्यूचुअल फंड स्कीम का रिटर्न तीन महीनों में 5 गुना से अधिक रहा है। ये एक इंफ्रा फंड है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने की कही गयी है, इससे इस फंड को काफी सहारा मिला है।
केनरा रोबेको इन्फ्रास्ट्रक्चर रेगुलर प्लान ने इस साल में अब तक 19.31 फीसदी, पिछले 1 हफ्ते में 3.58 फीसदी, एक महीने में 12.35 फीसदी, 6 महीनों में 41.83 फीसदी, 1 साल में 23.51 फीसदी, 3 साल में सालाना 4.21 फीसदी, 5 साल में सालाना 12.16 फीसदी, 7 साल में सालाना 16.54 फीसदी और 10 साल में सालाना 10.66 फीसदी का रिटर्न दिया है।
म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे बेहतर तरीका एसआईपी माना जाता है। एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान को सिप भी कहा जाता है। इस ऑप्शन के तहत निवेशकों को एक तय रकम हर महीने म्यूचुअल फंड की किसी स्कीम में निवेश करने का विकल्प मिलता है। हर महीने एसआईपी के जरिए आप थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश करके एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
निवेश शुरू करने से पहले जान लीजिए म्यूचुअल फंड निवेशकों को किसी स्कीम की यूनिट्स एलॉट की जाती हैं। ध्यान रहे कि सही समय पर पेमेंट करने के बाद कुछ निवेशकों को यूनिट नहीं मिलने की रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं। इसके लिए म्यूचुअल फंड निवेशकों को चेक के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म से पेमेंट करनी चाहिए। चेक क्लियर होने में तीन दिन तक लग सकते हैं। मगर यदि इस दौरान शेयर बाजार में तेजी आई तो आप इसका फायदा नहीं ले पाएंगे। इसलिए चेक के बजाय डिजिटल तरीके से पेमेंट करें।
सेबी का अहम नियम जान लें, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। असल में फंड हाउस को पूरा पैसा मिलने के बाद ही आपको यूनिट्स मिलेंगी। चेक से पेमेंट में देरी होती है और आपको यूनिट्स जल्दी नहीं मिलतीं। इससे आपको नुकसान होगा। एसआईपी में आपको ऐसा कोई नुकसान नहीं होगा। ये नुकसान उन्हें होगा, जो एक साथ मोटी रकम लगा रहे हैं।
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