Money deposited in Kisan Vikas Patra becomes double: पोस्ट ऑफिस के पाए एक से बढ़कर जमा योजनाएं हैं। इनमें न सिर्फ ब्याज ज्यादा मिल रहा है, वहीं भारत सरकार जमा पैसों की गारंटी भी देती है। ऐसी गारंटी देश का कोई बैंक भी नहीं देता है।
इसी पोस्ट ऑफिस की एक जमा योजना है किसान विकास पत्र (केवीपी)। देश की यह अकेली सरकारी जमा योजना है, जहां पर जमा पैसा डबल होकर वापस मिलता है। इसके अलावा इस स्कीम में कितना भी पैसा जमा किया जा सकता है।
इस वक्त पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (केवीपी) योजना में जमा पैसा 115 महीने में डबल होकर वापस मिल रहा है। 115 महीने का मतलब हुआ कि 9 साल और 7 माह।
जहां तक किसान विकास पत्र (केवीपी) योजना में ब्याज की बात है तो इस वक्त 7.50 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। ब्याज की गणना वार्षिक चक्रवृद्धि आधार पर होती है।
किसान विकास पत्र (केवीपी) में न्यूनतम 1000 रुपये जमा किया जा सकता है। वहीं अधिकतम की सीमा नहीं है। इसलिए पैसा डबल करने वालों के लिए यह स्कीम काफी अच्छी मानी जाती है।
किसान विकास पत्र (केवीपी) अकेले या संयुक्त नाम लिया जा सकता है। जानकारों की राय है कि अगर ज्यादा पैसों का निवेश करना हो तो भी कम कम पैसे के किसान विकास पत्र (केवीपी) खरीदने चाहिए। इसका फायदा यह होता है कि अगर बीच में पैसों की जरूरत पड़ी एक या दो किसान विकास पत्र (केवीपी) कैश कराकर ही काम चल जाएगा। अगर बड़ी रकम का एक ही किसान विकास पत्र (केवीपी) खरीदेंगे तो एक यह बार में ही टूट जाएगा।
वहीं किसान विकास पत्र (केवीपी) को बैंक के पास गिरवी रखकर अगर जरूरत पड़े तो लोन भी लिया जा सकता है। ऐसे में पैसे डबल करने वाली यह स्कीम काफी आकर्षक हो जाती है। इस स्कीम में पैसा बच्चों के नाम पर भी जमा किया जा सकता है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान