नई दिल्ली। बैंकों और पोस्ट ऑफिस की घटती ब्याज दरों के बीच मोदी सरकार ज्यादा ब्याज वाली डिपॉजिट स्कीम लेकर आई है। इस स्कीम के तहत 7.15 फीसदी का ब्याज दिया जा रहा है। यह फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड है, जिनमें कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। 7 साल वाले इन बांड में हर 6 में ब्याज का भुगतान किया जाएगा। यह बांड 1 जुलाई 2020 से जारी होंगे। रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की तरफ से दी जानकारी के अनुसार यह बॉन्ड फ्लोटिंग रेट आधारित होंगे।
मोदी सरकार की तरफ से जारी हो रहे यह फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड बैंक से काफी ज्यादा ब्याज लेने का मौका दे रहे हैं। इस वक्त एसबीआई 2 करोड़ रुपये से कम की 1 व 2 साल की एफडी पर 5.10 फीसदी, 3 साल की एफडी पर 5.30 फीसदी और 5 से लेकर 10 साल तक की एफडी पर ब्याज दर 5.40 फीसदी ही दे रही है। वहीं एसबीआई सीनियर सिटीजन 5.60 फीसदी से लेकर 6.20 फीसदी तक ब्याज दे रही है। ऐसे में फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड सभी के लिए आकर्षक हैं। आइये जानते हैं इन बांड की खूबियां और लेने के नियम और शर्तें।
आरबीआई की तरफ से दी जानकारी के मुताबिक, भारत का कोई भी नागरिक, एचयूएफ इसमें निवेश कर ब्याज ले सकता है।
कितना रुपया इसमें कर सकते हैं निवेश
फ्लोटिंग रेट सेविंग बॉन्ड कितने भी रुपये का खरीदा जा सकता है। लेकिन न्यूनतम 1000 रुपये का बॉन्ड खरीदना होगा। इसके बाद 1000 रुपये के मल्टीपल में कितना भी निवेश किया जा सकता है।
इस फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड की मैच्योरिटी 7 साल बाद होगी। लेकिन अगर सिनियर सिटिजन्स ने निवेश किया है तो वह बीच में पैसा निकाल सकते हैं।
फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड पर 7.15 फीसदी का ब्याज दिया जाएगा, जो साल में दो बार में भुगतान किया जाएगा। पहली बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को मिलेगा। 6 महीने पूरे होते ही ब्याज इन्वेस्टर के अकाउंट में जमा हो जाएगा।
फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड से मिलने वाले ब्याज की कमाई पर इनकम टैक्स के नियमों के तहत टैक्स भरना होगा। ब्याज आमदनी पर टीडीएस भी काटा जाएगा।
फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड में अगर कैश में निवेश करना है तो अधिकतम 20 हजार रुपये का बॉन्ड खरीदा जा सकता है। लेकिन अगर अन्य माध्यमों से निवेश करें तो कितना भी निवेश किया जा सकता है। यह बॉन्ड को किसी भी सरकारी बैंक, आईडीबीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक से खरीदा जा सकता है। बॉन्ड को केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में ही जारी किया जाएगा।
बॉन्ड को सेकेंड्री मार्केट में ट्रेड नहीं किया जा सकता है।
इसका इस्तेमाल लोन उठाने के लिए कोलैट्रल के रूप में भी नहीं किया जा सकता है।
अगर बॉन्ड खरीदने वाला नॉमिनी बना सकता है।
जब तक बॉन्ड खरीदने वाला जिंदा है, यह ट्रांसफर नहीं हो सकता है।
उसकी मौत हो जाती है, तो नॉमिनी को यह ट्रांसफर हो सकता है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान