देश में काम कर रही कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने एक अहम फैसला लिया है। मंत्रालय ने कंपनी कानून के तहत फाइनेंशियल स्टेटमेंट और एनुअल रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ा दिया है। अब वित्तीय वर्ष 2024-25 से जुड़ी सभी जरूरी फाइलिंग 31 जनवरी 2026 तक की जा सकेगी। पहले यह डेडलाइन 31 दिसंबर 2025 तय थी, जिसे लेकर कंपनियों और प्रोफेशनल्स में काफी चिंता बनी हुई थी।

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क्यों जरूरी था समय बढ़ाना

पिछले कुछ समय से MCA पोर्टल पर फाइलिंग को लेकर लगातार दिक्कतें सामने आ रही थीं। कई कंपनियों ने बताया कि तकनीकी खामियों की वजह से फॉर्म समय पर सबमिट नहीं हो पा रहे थे। कहीं सर्वर की समस्या थी तो कहीं डॉक्यूमेंट अपलोड करने में परेशानी आ रही थी। ऐसे में समय सीमा न बढ़ाई जाती तो कई कंपनियों पर लेट फीस का बोझ पड़ सकता था।

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बिना अतिरिक्त शुल्क मिलेगी राहत

मंत्रालय ने साफ किया है कि नई तय तारीख तक फाइलिंग करने पर किसी तरह की अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। यानी कंपनियां बिना किसी जुर्माने के अपने जरूरी फॉर्म जमा कर सकती हैं। यह फैसला खासतौर पर उन कंपनियों के लिए फायदेमंद है, जो तकनीकी कारणों से समय पर फाइलिंग नहीं कर पाई थीं।

कौन-कौन से फॉर्म होंगे शामिल

इस फैसले के दायरे में सालाना रिटर्न और फाइनेंशियल स्टेटमेंट से जुड़े कई अहम ई-फॉर्म शामिल किए गए हैं। इनमें कंपनी की वित्तीय स्थिति, ऑडिट रिपोर्ट और सालाना जानकारी से जुड़े फॉर्म आते हैं। इससे सभी तरह की कंपनियों को एक समान राहत मिलेगी, चाहे वे बड़ी हों या छोटी।

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छोटे और मझोले कारोबार को फायदा

डेडलाइन बढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा छोटे और मझोले कारोबारियों को मिलेगा। सीमित स्टाफ और संसाधनों के कारण ऐसी कंपनियों के लिए समय पर सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करना आसान नहीं होता। अब उन्हें अपने दस्तावेज सही तरीके से तैयार करने और बिना गलती के फाइलिंग करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

प्रोफेशनल्स ने जताई संतुष्टि

कंपनी सेक्रेटरी, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य सलाहकारों ने भी मंत्रालय के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे काम का दबाव कम होगा और फाइलिंग में होने वाली गलतियों में भी कमी आएगी। साथ ही, नियमों का सही पालन तय किया जा सकेगा।

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नियम वही रहेंगे

हालांकि MCA ने यह भी साफ किया है कि फाइलिंग से जुड़े नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कंपनियों को सभी शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन पहले की तरह ही करना होगा। राहत सिर्फ समय सीमा और लेट फीस को लेकर दी गई है।

कंपनियों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों को मिली हुई इस अतिरिक्त मोहलत का सही इस्तेमाल करना चाहिए। आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते फाइलिंग पूरी कर लेना बेहतर होगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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MCA का यह कदम कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए राहत भरा है और इससे कंपनियों को नियमों का पालन करने में आसानी मिलेगी।