Low cibil score credit card apply: क्रेडिट कार्ड लेने के लिए एक अच्छा सिबिल होना जरूरी होता है. बैंक सिबिल स्कोर के आधार भी ये तय करता है कि उसे क्रेडिट कार्ड देना चाहिए या नहीं. लेकिन अगर आपका सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर खराब है या आपकी अभी तक क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है. तो ऐसी स्थिति में भी आप क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं. चलिए इन ट्रिक के बारे में जानते हैं.

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क्रेडिट कार्ड या लोन लेने में सिबिल स्कोर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. सिबिल स्कोर एक तरह ये दर्शाता है कि आपकी भुगतान क्षमता कितनी है. एक तरह से ये आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को शॉ करता है, लेकिन अगर किसी की क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, तो ऐसे में टेंशन लेने की बात नहीं है. ये ट्रिक वो भी अपना सकता हैं, जिनका क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर खराब है.

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आसानी से मिलेगा सिक्‍योर्ड क्रेडिट कार्ड

सिक्‍योर्ड क्रेडिट कार्ड (Secured Credit Card) में ये फ्रक नहीं पड़ता कि आपका सिबिल स्कोर कितना खराब है. ये क्रेडिट कार्ड आपको एफडी के बदले दिया जाता है. यानी सिक्योड क्रेडिट कार्ड को लेने के लिए आपका एफडी होना जरूरी है. दूसरे शब्दों में कहें तो सिक्योर्ड कार्ड के लिए वहीं अप्लाई कर सकता है, जिसका बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट हो. या आप उसी बैंक में सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जहां आपका एफडी हो.

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सिक्योड क्रेडिट का उन लोगो के लिए बेहतर विकल्‍प हो सकता है, जिनका क्रेडिट स्‍कोर खराब है या क्रेडिट हिस्‍ट्री ही नहीं है. सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड की लिमिट एफडी के 80-90 फीसदी तक रखी जाती है. इस कार्ड का इस्तेमाल आप तबतक कर सकते है, जबतक आपका एफडी है.

ज्यादा ब्याज पर ले सकते हैं कार्ड

इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक कुछ लेंडर्स सिबिल स्कोर खराब होने के बावजूद भी क्रेडिट कार्ड देते हैं. हालांकि आपको इसमें ज्यादा ब्याज दर, एनुअल चार्ज और एक्सट्रा चार्ज देना पड़ेगा. इस तरह से आप महंगे में भी क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं.

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Co-Signer के जरिए क्रेडिट कार्ड

आप ऐसे किसी व्यक्ति के साथ क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जिनका सिबिल स्कोर अच्छा है. इसे को-साइनर (Co-Signer) क्रेडिट कार्ड का हा जाता है. दो लोग मिलकर भी क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं. ऐसे में आवेदन करने पर अप्रूवल चांस बढ़ जाते हैं. लेकिन अगर दोनों की समय पर पेमेंट नहीं कर पाएं, तो ऐसे में दोनो के क्रेडिट स्कोर पर फ्रक पड़ता है.

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छोटे बैंकों के उदार मानदंड

इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक कुछ छोटे बैंक और क्रेडिट यूनियन क्रेडिट स्कोर के अलाव अन्य फैक्टर्स देखते हैं. ऐसे बैंक ग्राहकों को ज्यादा फ्लेक्सिबल ऑप्शन देते हैं. ये सिबिल स्कोर से परे फैक्टर्स को ध्यान में रखते हैं.