How to Increase CIBIL Score: आज के समय हर व्यक्ति अपना खुद के घर का सपना देखता है, जिनके पास पैसा होता वो एक बार में घर खरीद लेते हैं और कई ऐसे लोग भी होते हैं जिनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं होती है तो वो बैंक की तरफ अपना रुख करते हैं, जहां से वह लोन लेकर अपना काम पूरा कर पाते हैं।

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कई बार ऐसा भी होता है आप अच्छा पैसा कमाते हैं और घर खरीदते समय पैसे की कमी हो जाती है तो आप बैंक से लोन लेने की कोशिश करते हैं लेकिन आपकी अच्छी सैलरी होने के बाद भी बैंक मना कर देता है, इस मना करने के पीछे आपका सिबिल स्कोर कम होता है जिस वजह से आपको निरासा का सामना करना पड़ता है।

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क्या होता है सिबिल स्कोर?

CIBIL स्कोर एक तरह का क्रेडिट स्कोर होता है, जो यह बताता है कि आप कितने भरोसेमंद उधार लेने वाले (borrower) हैं। इसे 300 से 900 अंकों के बीच मापा जाता है। जितना ज्यादा स्कोर उतना अच्छा आपकी लोन मंजूरी का चांस। बैंक और NBFC कंपनियां इसी स्कोर के आधार पर तय करती हैं कि आपको लोन देना है या नहीं।

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CIBIL स्कोर रेंज लोन मिलने की संभावना

750 - 900 बहुत बढ़िया - आपको मिल जाएगा तुरंत लोन
700 - 749 अच्छी - थोड़ी जांच के बाद मंजूरी
650 - 699 औसत - हो सकता है गारंटर मांगा जाए
550 - 649 कमजोर - लोन मिलने में मुश्किल
300 - 549 बहुत बेकार - ज्यादातर बैंक लोन देने से इनकार करते हैं

क्यों गिरता है CIBIL स्कोर?

बिल या EMI समय पर न भरना

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अगर आप लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड का बिल देर से भरते हैं, तो स्कोर सीधे गिरता है।

क्रेडिट लिमिट से ज्यादा खर्च करना

जितना कार्ड लिमिट है, उससे ज्यादा खर्च करने की आदत को बैंक गलत मानता है।

क्रेडिट कार्ड और लोन के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन करना

यह दिखाता है कि आपको लगातार पैसों की जरूरत पड़ रही है, जिससे भरोसा कम होता है।

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पुराना कर्ज ज्यादा होना

अगर आपके ऊपर पहले से बहुत लोन है, और आपने उन्हें समय पर नहीं चुकाया, तो स्कोर नीचे चला जाता है।

कैसे सुधारें अपना सिबिल स्कोर?

हर पेमेंट समय पर करें:

क्रेडिट कार्ड या EMI कभी भी लेट न करें। यह सबसे अहम बात है।

क्रेडिट लिमिट के 30% तक ही खर्च करें:

अगर आपकी कार्ड लिमिट ₹1 लाख है, तो ₹30,000 तक ही खर्च करें।

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एक बार में कई लोन के लिए रजिस्ट्रेशन न करें

अगर आप एक बार में 3-4 जगह लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो यह आपकी खराब फाइनेंशियल स्थिति को दर्शाता है।

स्कोर की रेगुलर जांच करें:

हर 3 महीने में अपनी CIBIL रिपोर्ट देखें। अगर कोई गलती हो, तो समय रहते शिकायत करें और ठीक करवाएं।

कम स्कोर वालों के लिए टिप्स

कुछ बैंक कम स्कोर पर भी लोन देते हैं, लेकिन उस स्थिति में ब्याज दर ज्यादा होती है।

अगर तुरंत लोन जरूरी है, तो सिक्योर लोन यानी गहनों, FD या LIC के बदले लोन लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

कोशिश करें कि एक साल तक EMI और बिल समय पर चुकाएं स्कोर धीरे-धीरे सुधरने लगेगा।

CIBIL स्कोर केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि यह आपकी फाइनेंशियल जिम्मेदारी का आईना है। अगर आप घर, गाड़ी, एजुकेशन या बिज़नेस लोन लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने स्कोर को मजबूत बनाएं। यह काम किसी एक दिन में नहीं होगा, लेकिन सही आदतें अपनाकर कुछ महीनों में इसे सुधारा जा सकता है।