नई द‍िल्‍ली: प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना सीनियर सिटीजंस के लिए एक अहम स्कीम है। सरकार ने मई महीने में ही वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा योजना प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) तीन साल यानी मार्च 2023 तक के लिये बढ़ा दी थी।

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बता दें कि पीएमवीवीवाई का क्रियान्वयन जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के जरिये किया जाता है। इसमें नागरिकों के लिए एक स्कीम है, जिसके तहत मासिक पेंशन मिलती है। इस स्कीम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 10 साल तक एक तय दर से गारंटीड पेंशन मिलती है।

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कौन ले सकता स्कीम का फायदा

मोदी सरकार की इस स्कीम का फायदा भारतीय जीवन बीमा निगम के जरिए उठाया जा सकता है। इसमें सालाना 7.40 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है। यही वजह है कि अब तक करीब 6.28 लाख लोग इस स्कीम का लाभ ले भी चुके हैं। यह स्कीम वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। इसका फायदा उठाने के लिए उम्र कम से कम 60 साल होनी चाहिए और अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है। हां ये जरूर है कि इस स्कीम के तहत एक शख्स अधिकतम 15 लाख रुपये ही निवेश कर सकता है। इसमें निवेश करने वाले लोगों कम से कम 1000 रुपये और अधिकतम 9,250 रुपये की पेंशन मासिक पेंशन मिलती है।

क्या है इस योजना के लाभ

- इस योजना की अवधि 10 साल रखी गई है।
- 10 साल पूरा होने के बाद भी इस स्कीम का लाभ चाहते हैं तो दोबारा इससे जुडऩा होगा।
- पेंशनधारी इस स्कीम के 10 साल तक जीवित है तो उसे आखिरी में एरियर भी दिया जाएगा।
- अगर किसी पेंशनधारी की मौत हो जाती है तो लाभार्थी को योजना की रकम वापस कर दी जाएगी।
- योजना का टेन्योर पूरा होने के बाद भी पेंशनधारी जीवित है तो उसे पॉलिसी की कुल रकम के साथ आखिरी पेंशन इंसटॉलमेंट तक की जाएगी।

ऐसे उठाएं सकते स्कीम का फायदा
  • जो भी लोग इस स्कीम को योग्य हैं, उन्हें इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए एक एप्लिकेशन फॉर्म भरना होगा।
  • फॉर्म के साथ-साथ कुछ दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
  • अगर आप चाहें तो इस स्कीम के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
  • आपको बता दें कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के आम बजट में केंद्र सरकार ने सीनीयर सिटीजन के लिए इस योजना की लास्ट डेट को बढ़ाकर 31 मार्च 2020 कर दिया था। इसके साथ ही अधिकतम सीमा को बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी थी। अब इसे 2023 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
  • स्‍कीम के जरि‍ए ले सकते हैं लोन भी

    इस स्कीम में प्रीमैच्योर विदड्रावल और लोन की सुविधा भी मिलती है। लाभार्थी या उसके पति/पत्नी को कोई गंभीर बीमारी होने की हालत में प्रीमैच्योर विदड्रावल की इजाजत मिलती है। हालांकि, इसके तहत पर्चेज प्राइस का सिर्फ 98 फीसदी सरेंडर वैल्यू ही वापस किया जाता है। तीन साल बाद से इस स्कीम के तहत लोन की भी सुविधा मिलती है, जिसमें लोन पर्चेज प्राइस के 75 फीसदी तक हो सकता है।