नई दिल्ली: एलआईसी ने अपने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए एलआईसी ने क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर लगने वाले सुविधा शुल्क को खत्म कर दिया है। यह नया नियम 1 दिसंबर के लागू हो गया है।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए एलआईसी की पहल
एलआईसी की तरफ से कहा गया है कि पेमेन्ट के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर किसी पॉलिसी के तहत प्रीमियम को रिन्यूवल कराना हो, नई प्रीमियम की शुरुआत करनी हो, किसी लोन का भुगतान करना हो या फिर लिए गए लोन के लिए ब्याज का भगुतान करना हो, एलआईसी डिजिटल मोड में किये गये पेमेंट पर अब सुविधा शुल्क नहीं वसूलेगी। दरअसल देश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में एलआईसी ने यह कदम उठाया है। एलआईसी की तरफ से साफ किया गया है कि क्रेडिट कार्ड के जरिए नि:शुल्क लेनदेन की यह सुविधा सभी संग्रहण प्रणालियों-कार्ड रहित भुगतान और कार्ड डिप-सेल्स मशीनों पर स्वाइप पॉइंट पर उपलब्ध है।
ग्राहकों ऑनलाइन पेमेंट के लिए ऐप का कर सकते इस्तेमाल
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए एलआईसी ने ग्राहकों को लिए Mylic App ऐप लॉन्च किया है।
यहां आपको बता दें कि जीवन बीमा कारोबार में एलआईसी की बाजार में हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है। एलआईसी के ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट के लिए ऐप MYLIC App डाउनलोड कर सकते हैं। इधर एलआई ने उन पॉलिसी धारकों को भी बड़ी राहत दी है जिनकी पॉलिसी दो साल से अधिक समय से लैप्स पड़ी है।
लैप्स्ड पॉलिसी को फिर से चालू करवाने का अवसर
ऐसी लैप्स्ड पॉलिसी को भी पॉलिसी धारक अब चालू करवा सकते हैं। एक ट्वीट में भारतीय जीवन बीमा निगम ने कहा, 'एलआईसी पॉलिसी धारकों के लिए लैप्स्ड पॉलिसी को फिर से चालू करवाने का अवसर लेकर आई है। दो साल से अधिक समय से लैप्स्ड को फिर से चालू कराने की अनुमति नहीं थी लेकिन अब इसे फिर से चालू करवाया जा सकता है।' वहीं बीमा नियामक के 1 जनवरी 2014 से प्रभावी नियमों के अनुसार, लैप्स्ड पॉलिसी को दो साल के भीतर चालू करवाया जा सकता था। इसलिए, 1 जनवरी 2014 के बाद ली गई ऐसी जीवन बीमा पॉलिसी जिसके प्रीमियम का भुगतान दो साल पहले किया गया था उसे फिर से चालू नहीं करवाया जा सकता था।
इस मसले को लेकर एलआईसी बीमा नियामक के पास गई और उन पॉलिसी धारकों को भी अपनी लैप्स्ड पॉलिसी फिर से चालू करवाने की सुविधा दी जिन्हें दो साल से अधिक वक्त हो चुका था। अब, 1 जनवरी 2014 के बाद भारतीय जीवन बीमा निगम से पॉलिसी लेने वाले ग्राहक भी अपनी लैप्स्ड पॉलिसी फिर से चालू करवा सकते हैं। हालांकि, नॉन-लिंक्ड पॉलिसी के लिए यह अवधि 5 साल और यूनिट लिंक्ड पॉलिसी के लिए 3 साल की अवधि दी गई है। यहां पांच और तीन साल का मतलब उस अवधि से है जब अंतिम प्रीमियम दिया गया था।
More Articles
- क्रेडिट कार्ड बिल: आज है आखिरी तारीख, लेट फीस से बचना है तो अभी करें ये काम
- LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?
- ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें