Lakhpati Didi Yojana 2026: केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Yojana)आज ग्रामीण भारत की महिलाओं के लिए स्वावलंबन और आर्थिक आजादी का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर उनकी वार्षिक पारिवारिक इनकम को कम से कम 1 लाख रुपए तक पहुंचाना है।

Advertisement

सरकार ने अब इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी (Lakhpati Didi Yojana) बनाने का टारगेट रखा है। यह योजना न केवल महिलाओं को सिलाई, प्लंबिंग और एलईडी बल्ब बनाने जैसे पारंपरिक कार्यों में प्रशिक्षित कर रही है, बल्कि उन्हें 'ड्रोन दीदी' जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़कर भविष्य के लिए तैयार कर रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की इस पहल ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं को उद्यमी बनाकर उनके सपनों को नई उड़ान दी है।

Advertisement

कौन होती हैं 'लखपति दीदी'?

इस योजना के तहत 'लखपति दीदी' (Lakhpati Didi Yojana) उस महिला को कहा जाता है जिसकी सालाना पारिवारिक आय कम से कम 1 लाख रुपये हो। तकनीकी रूप से, यदि किसी महिला की मासिक इनकम 10,000 रुपए या उससे ज्यादा है और यह आय लगातार चार कृषि मौसमों या व्यापारिक चक्रों तक बनी रहती है, तो उन्हें इस गौरवशाली कैटेगरी में शामिल किया जाता है।

Advertisement

स्किल्स ट्रेनिंग हुनर से रोजगार तक का सफर

लखपति दीदी योजना का सबसे मजबूत पक्ष इसका मुफ्त स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम है। महिलाओं को उनकी पसंद के अनुसार अलग-अलग सेक्टरों में ट्रेंड किया जाता है।

तकनीकी कार्य: एलईडी बल्ब बनाना, प्लंबिंग और बिजली के उपकरणों की मरम्मत।

पारंपरिक कार्य: सिलाई-कढ़ाई, बुनाई और हस्तशिल्प।

कृषि और पशुपालन: उन्नत खेती और डेयरी मैनेजमेंट।

नमो ड्रोन दीदी: इस विशेष पहल के तहत महिलाओं को ड्रोन उड़ाने, डेटा विश्लेषण और ड्रोन की मरम्मत की ट्रेनिंग दी जा रही है, जो खेती के आधुनिक दौर में कमाई का बड़ा जरिया बन रहा है।

Advertisement

बिना गारंटी के मिलता है 20 लाख रुपए तक का लोन

आर्थिक तंगी महिलाओं के कारोबार में बाधा न बने, इसके लिए सरकार ने लोन की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया है:

कोलेटरल-फ्री लोन: स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य महिलाएं अपना काम शुरू करने के लिए 20 लाख रुपए तक का लोन बिना किसी गारंटी के ले सकती हैं।

ब्याज में भारी छूट: 1.5 लाख रुपए तक के लोन पर सरकार ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे महिलाओं पर कर्ज का बोझ कम होता है।

Advertisement

ओवरड्राफ्ट सुविधा: जिन महिलाओं के पास जन-धन खाता है, उन्हें 5,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलती है, ताकि आपात स्थिति में नकदी की कमी न हो।

स्वयं सहायता समूहों (SHG) को मिलने वाली सीधी मदद

सरकार सीधे स्वयं सहायता समूहों के खातों में भी वित्तीय सहायता भेजती है ताकि समूह के भीतर लेन-देन आसान हो सके:

रिवॉल्विंग फंड: प्रति समूह 20,000 से 30,000 रुपए की सहायता।

Advertisement

कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF): बिजनेस विस्तार के लिए 2.5 लाख रुपए तक की बड़ी आर्थिक मदद।

योजना के लाभ के लिए जरूरी ऐलिजिबिलिटी और दस्तावेज

अगर आप भी इस योजना से जुड़ना चाहती हैं, तो ये शर्तें और दस्तावेज जरूरी हैं:

अनिवार्य शर्त: महिला का किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) का सदस्य होना अनिवार्य है।

मूल निवासी: यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए है।

जरूरी दस्तावेज:

आधार कार्ड

स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्यता का प्रमाण पत्र

बैंक पासबुक की फोटोकॉपी

पासपोर्ट साइज फोटो और चालू मोबाइल नंबर