नई दिल्ली, मई 01। आज विश्व भर में मजदूर दिवस यानी लेबर डे मनाया जा रहा है। देश-विदेशों में मजदूरों के लिए कई तरह की सोशल और फाइनेंशियल योजनाएं चलाई जाती हैं। भारत में भी मोदी सरकार ने एक ऐसी ही योजना शुरू की थी। ये है प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम)। इस योजना की शुरुआत 2019 में की गयी थी। इस योजना के तहत असंगठित श्रमिकों को मासिक 3000 रु (सालाना 36000 रु) तक की पेंशन दी जाती है। असल में संगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए ईपीएफ जैसी कई योजनाएं पहले से रही हैं, मगर असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए ऐसी कोई योजना नहीं थी। इसीलिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना को शुरू किया गया।
इस योजना के आपको 60 साल की आयु तक 55 रु से 200 रु तक मासिक तक का योगदान करना होता है। इसके बाद आपको हर महीने 3000 रु तक की पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है। ये योजना सिर्फ असंगठित श्रमिकों के लिए है। आवेदक की आयु योजना के लिए आवेदन करते समय 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। योजना के लिए आवेदक की मासिक आय 15,000 रु या उससे कम होनी चाहिए और वो एक टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए।
आवेदक ने राष्ट्रीय पेंशन योजना, कर्मचारी राज्य बीमा कॉर्प योजना या कर्मचारी भविष्य निधि योजना जैसी योजनाओं में आवेदन नहीं किया होना चाहिए। इस स्कीम में आपका योगदान इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी पेंशन चाहते हैं और आपकी आयु कितनी है। यदि आप 18 साल की उम्र में ही इस योजना से जुड़ जाएं तो आपको सिर्फ हर महीने 55 रु जमा करने होंगे। फिर 60 साल की आयु पर आपको 3000 रु हर महीने मिलने लगेंगे। 3000 रु मासिक पेंशन पाने के लिए 29 साल की आयु वालों को हर महीने 100 रु और 40 साल की आयु से जुड़ने पर हर महीने 200 रु का योगदान करना होगा।
आप अपनी चेक करने के बाद, करीबी सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) पर जाकर योजना के लिए नामांकन कर सकते हैं। सरकार के अनुसार इस योजना के लिए देश भर में 300,000 से अधिक सीएससी में आवेदन सेवा प्रदान की जा रही है।
योजना के लिए नामांकन करने के लिए आपके पास बचत बैंक खाता या जन धन खाता होना चाहिए। इस योजना के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य है। ये योजना आपके बुढ़ापे में काफी फायदेमंद हो सकती है।
यदि आप 10 वर्ष से कम की अवधि के अंदर इस योजना से बाहर निकलना चाहते हैं, तो बचत बैंक ब्याज दर के साथ आपके द्वारा जमा किया गया पैसा वापस कर दिया जाएगा। यदि सब्सक्राइबर 10 साल या उससे अधिक समय के बाद बाहर निकलता है, लेकिन 60 साल की उम्र से पहले, तो संचित ब्याज या बचत बैंक ब्याज दर, जो भी अधिक हो, के साथ उनसा योगदान वापस कर दिया जाएगा।
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