नई दिल्ली। हर व्यक्ति चाहता है कि उसका पैसा दोगुना हो जाए। वित्तीय बाजार में ऐसे ऑफर की भरमार है, जहां पर पैसा दोगुना करने का वादा किया जाता है। लेकिन ऐसा वादा करने वाली ज्यादातर कंपनियां लोगों का पैसा डुबा चुकी हैं। इसीलिए लोग चाहते तो हैं कि उनका पैसा दोगुना हो जाए, लेकिन भरोसा न होने के चलते वह पैसा जमा करने से बचते हैं। अगर आपके मन में भी ऐसी ही दुविधा है, तो उसे दूर कर लीजिए। हम आपको ऐसी सरकारी स्कीम बताने जा रहे, जहां पर जमा पैसा दोगना हो जाता है। इसके अलावा आपके जमा पैसे की सुरक्षा की गारंटी भारत सरकार लेती है। यानी आपका पैसा पूरी सुरक्षा के साथ दोगुना हो जाता है। आइये जानते हैं कि यह सरकारी जमा स्कीम क्या है।
यह स्कीम है किसान विकास पत्र (केवीपी)। केवीपी को कोई भी पोस्ट ऑफिस से खरीद सकता है। इस स्कीम में जमा पैसे की सुरक्षा की गारंटी सरकार सरकार लेती है। इसके अलावा आप केवीपी में कितना भी पैसा जमा कर सकते हैं। केवीपी में जमा पैसा दोगुना होने के बाद आपको वापस कर दिया जाता है।
किसान विकास पत्र (केवीपी) योजना में इस समय 6.9 फीसदी का वार्षिक ब्याज मिल रहा है। यह ब्याज दर 1 अप्रैल 2020 से लागू है। पोस्ट ऑफिस की ब्याज दरें हर तीन माह में बदलती है। यहां पर ब्याज दरों की अगली समीक्षा मार्च के अंत में होगी। ऐसे में आपके पास इस ब्याज दर पर 31 मार्च 2021 तक पैसा जमा करने का मौका है। अगर मार्च तक कोई इस स्कीम में निवेश करेगा तो उसको यही ब्याज दर मिलती रहेगी, चाहे बाद में यह घट भी जाए। इस ब्याज दर पर केवीपी में जमा पैसा 124 महीने (10 साल और 4 महीने) में दोगुना हो जाता है।
पोस्ट ऑफिस की केवीपी जमा योजना में आप कितना भी पैसा जमा कर सकते हैं। यहां पर न्यूनतम 1000 रुपये जमा करना होता है। इसके बाद आप 100 रुपये के गुणांक में कितना भी पैसा जमा कर सकते हैं। जब आप केवीपी में पैसा जमा करेंगे तो आपको एक सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। समय पूरा होने पर इस सार्टिफिकेट को जमा कर आप दोगुना पैसा वापस ले लेते हैं।
केवीपी को सिंगल या ज्वाइंट नाम से भी लिया जा सकता है। 10 साल से बड़े बच्चे के नाम पर भी इसे खरीदा जा सकता है। यही नहीं आप कितने भी बार इस स्कीम में पैसा जमा कर सकते हैं। हर बार आपको एक नया सार्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
अगर किसी कारणवश आपको पैसों की जरूरत पड़ती है, तो केवीपी को बीच में भी कैश करा सकते हैं। यह पैसा ढाई साल के बाद कभी भी निकाला जा सकता है। अगर इसे संयुक्त नाम से लिया है, तो किसी एक की मृत्यु के बाद दूसरे के नाम पर इसे ट्रांसफर भी कराया जा सकता है।
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