नई दिल्ली: गोल्ड लोन आपकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। फिर चाहे आपके बिजनेस के लिए पैसे की जरूरत हो, अचानक से होने वाले खर्च हों या इमर्जेंसी जैसे हालात में आपको इससे मदद मिलती है। मौजूदा वक्त में सोने की कीमत आसमान छू रही है। वहीं दूसरी ओर कोरोना के कारण जबरदस्त आर्थिक संकट के इस दौर में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां गई हैं। Gold : ये हैं सबसे सस्ते जेवर, तुरंत खरीदना संभव ये भी पढ़ें
इतना ही नहीं लोग कैश की कमी की वजह से गोल्ड गिरवी रख कर लोन ले रहे हैं। सोने की कीमतों में इजाफे का मतलब है कि कम ब्याज पर गोल्ड लोन भी लिया जा सकता है ताकि मौजूदा वित्तीय जरूरतें पूरी हो सकें। गोल्ड लोन ज़रूरी धन जुटाने का अपेक्षाकृत सबसे आसान तरीका है। तो चलिए इस खबर के जरिए हम आपको बताएंगे कि कैसे, कहां से और कौन ले सकता है गोल्ड लोन। इसके साथ ही ये भी बताएंगे कि अगर आप इस वक्त आप गोल्ड लेना चाहते हैं तो आपके लिए इसके कुछ नियम और शर्तों को जानना जरूरी है।
गोल्ड के दाम भले ही तेजी हो लेकिन गोल्ड लोन का मार्केट चमक गया है। मुथुट औैर मणप्पुरम जैसी गोल्ड लोन देने वाली कंपनी के अलावा बैंकों ने भी अपना गोल्ड लोन वर्टिकल को चुस्त दुरुस्त कर रखा है। बता दें कि सोने के लिए लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) रेशियो को 75 फीसदी से बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक के लिए 90 फीसदी कर दिया है। यानी अब आपको गोल्ड के 90 फीसदी कीमत तक लोन मिल सकता है। चूंकि बैंक और एनबीएफसी गोल्ड लोन पर अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन के मुकाबले कम ब्याज वसूल रहे हैं इसलिए भी कर्ज लेने वालों के लिए यह सुविधाजनक है। गोल्ड लेने वालों को अपने साथ गोल्ड या सिक्का लेकर कंपनी के पास जाना जरूरी नहीं है। कुछ बैंकों और गोल्ड कंपनियों ने घर पर एग्जीक्यूटिव भेजना शुरू किया है। सुरक्षा के लिहाज से यह अच्छा है।
अगर आप गोल्ड लोन के लिए अप्लाई कर रहे है तो बता दें कि इसके लिए पहचान पत्र के तौर पर वोटर आई कार्ड, आधार या पैन देना होता है। वहीं एड्रेस प्रूफ के लिए बिजली या टेलीफोन बिल दे सकते हैं। इसके अलावा फोटोग्राफ भी देना होगा। बैंक के मांगने पर इनकम प्रूफ भी देना पड़ सकता है। अलग-अलग बैंक का हिसाब अलग है। आपको न्यूनतम 20 हजार रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक गोल्ड लोन मिल सकता है। लोन चुकाने की अवधि तीन महीने से लेकर तीन साल तक हो सकता है।
कुछ बैंक लोन की रकम पर 1.5 फीसदी तक प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी लेते हैं। यह रकम आपको लोन की रकम मिलने से पहले चुकानी पड़ती है। बैंक प्रोसेसिंग चार्ज के अलावा वैल्यूएशन फीस भी लेते हैं, जैसे एचडीएफसी बैंक 1.50 लाख रुपये तक के लोन के लिए 250 रुपये और 1.5 लाख रुपये से ऊपर के लोन के लिए 500 रुपये चार्ज करता है। वहीं वैल्यूएशन फीस ऐसी फीस होती है जिसे बैंक आपके गोल्ड की वैल्यू निकालने के एवज में लेते हैं।
आपको सबसे पहली तरजीह किसी सरकारी बैंक को देनी चाहिए क्योंकि इनकी ब्याज दर निजी बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) के मुकाबले काफी कम होती है। मिसाल के तौर पर, एसबीआई और केनरा बैंक जैसे सरकारी बैंक गोल्ड लोन पर क्रमशः 7.50 प्रतिशत और 7.65 प्रतिशत सालाना ब्याज लेते हैं। निजी बैंक 9.90 प्रतिशत से लेकर 11.5 प्रतिशत सालाना तक ब्याज दर वसूलते हैं। मणप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस जैसे एनबीएफसी 12 प्रतिशत ब्याज लेते हैं। इनकी ब्याज दर घटती मूल राशि पर आधारित होती है।
मालूम हो कि बैंक और एनबीएफसी सोने की शुद्धता चेक करते हैं। इसके बाद आपके सोने के गहनों की मार्केट वैल्यू लोन के आवेदन की तारीख को सोने के बाजार भाव के आधार पर तय की जाती है। अगर आप सोने के गहने गिरवी रखते हैं तो इसमें केवल सोने के हिस्से का ही आकलन किया जाता है। अन्य मेटल्स, पत्थर और रत्नों को इस आकलन में शामिल नहीं किया जाता है। अगर आप 24 कैरेट गोल्ड सिक्कों को गिरवी रखकर लोन लेते हैं तो ये सिक्के बैंक के द्वारा जारी किए गए होने चाहिए। अगर आपने किसी सुनार के यहां से ये सिक्के खरीदे हैं तो ये मान्य नहीं होंगे। आरबीआई की पॉलिसी के मुताबिक, गोल्ड कॉइन्स का वजन प्रति ग्राहक 50 ग्राम से ज्यादा नहीं हो सकता है।
गोल्ड लोन लेने वाले व्यक्ति को उसके पास रखे सोने की शुद्धता को परखने के बाद मिलता है। आमतौर पर 18 से 24 कैरेट वाले सोने पर अच्छी खासी रकम मिलती है। अन्य लोन की तुलना में गोल्ड लोन की प्रोसेसिंग फीस कम होती है और कुछ मामलों में यह शून्य भी होती है। पर्सनल लोन, होम लोन और ऑटो लोन की प्रोसेसिंग फीस ज्यादा होती है। यदि आपका क्रेडिट स्कोर खराब होता है, तो बैंक पर्सनल लोन के आवेदन को अस्वीकार कर सकते हैं। ऐसा ही होम, कार और टू-व्हीलर लोन में भी होता है। लेकिन गोल्ड लोन लेते समय आपको गोल्ड बैंक में गिरवी रखना पड़ता है और इसके लिए आपको अच्छे क्रेडिट स्कोर की आवश्यकता नहीं होती है। गोल्ड लोन लेते समय आपको अपनी आय का प्रमाण देने की जरूरत नहीं होती है। आपका सोना ऋणदाता के पास सुरक्षित रहता है। बैंक में आपके सोने को एक तिजोरी में रखा जाता है और यह 24 * 7 सुरक्षित एवं संरक्षित रहती है।
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